उत्तर प्रदेश में महिला थाने में मानवाधिकार की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आठ दिन पहले बरामद की गई युवती को पुलिस ने महिला थानें मे बंद कर रखा है। परिजनों को युवती से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है।
मामले में महिला थाने की चुप्पी के कारण मंगलवार को परिजनों का गुस्सा भड़क गया। परिजनों ने महिला थाने में हंगामा किया और एएसपी के यहां गुहार लगाई है।
यह मामला टांडा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र के लांबाखेड़ा गांव की एक युवती का अपहरण कर लिया गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे बरामद कर लिया।
बरामदगी के बाद युवती को महिला थाने भेज दिया। टांडा और महिला थाने की पुलिस ने इस दौरान युवती के भविष्य को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मंगलवार को युवती के परिजन महिला थाने में मुलाकात करने के लिए पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया।
आरोप है कि पुलिस ने परिजनों से अभद्र व्यवहार किया।
साथ ही उन्हें थाने से भी भगा दिया। बाद में पीड़ित परिवार के लोग एएसपी से मुलाकात करने पहुंचे, जहां उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
युवती आठ दिन से थाने में नहीं है। परिजनों का आरोप है कि युवती को उनसे नहीं मिलने दिया जा रहा है, जबकि युवक पक्ष के लोगों से मुलाकात कराई जा रही है। वो जिस पुलिस कर्मी का नाम ले रहे हैं। वह सिपाही छुट्टी पर है। फिलहाल मामले की जांच कराई जा रही है।-साधना गोस्वामी, कार्यवाहक एसपी