नाबालिग लड़की से यौन शोषण के आरोपों से घिरे आसाराम को किसी कोने से राहत नहीं मिल रही।
सोमवार सवेरे जोधपुर अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्हें दोपहर को राजस्थान हाई कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली।
उनकी याचिका पर सुनवाई 18 सितंबर के लिए टल गई है। इससे पहले जोधपुर की सत्र अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायिक हिरासत 30 सितंबर के लिए बढ़ा दी थी।
आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू को सोमवार को उम्मीद थी कि किसी न किसी अदालत से उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
जोधपुर अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। उन्हें अब 30 सितंबर तक जेल में रहना होगा। ऐसी खबरें आ रही हैं जोधपुर सत्र अदालत में पेशी के दौरान आसाराम बापू ने जज के सामने हाथ जोड़े।
आज ही जोधपुर हाईकोर्ट में उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। आसाराम की पैरवी वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी करेंगे।
आसाराम की जमानत अर्जी गत शुक्रवार को जोधपुर हाईकोर्ट की निर्मलजीत कौर की बेंच में दाखिल की गई थी। जमानत अर्जी में कहा गया है कि आसाराम को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
वहीं नाबालिग मामले में ही नामजद आरोपी छिंदवाड़ा हॉस्टल की वार्डन शिल्पी और केयरटेकर शरद चंद्र की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
जोधपुर की निचली अदालत ने शिल्पी की ओर से पिछले सप्ताह लगाई गई अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी।