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आरुषि हत्याकांड: तलवार दंपति को झटका

Tue, 08 Oct 2013 03:43 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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आरुषि हत्याकांड में तीन नौकरों के नार्को और ब्रेन मैपिंग परीक्षण की रिपोर्ट मुहैया कराने की तलवार दंपति की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दी।
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डॉ. राजेश तलवार और नूपुर तलवार की बेटी आरुषि की हत्या के मामले में तीनों नौकर भी एक समय अभियुक्त थे और सीबीआई ने उनके परीक्षण कराए थे।

जस्टिस बलबीर सिंह चौहान और जस्टिस शरद बोबडे की बेंच ने तलवार दंपति की दलीलों पर सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी।

सीबीआई ने किया विरोध
तलवार दंपति पर अपनी बेटी की हत्या के आरोप में मुकदमा चल रहा है। सीबीआई ने रिपोर्ट उपलब्ध कराने के अनुरोध का विरोध किया।

सीबीआई ने तर्क दिया कि तलवार दंपति मुकदमे को लंबा खींचने के इरादे से ऐसा कर रहे हैं। तलवार दंपति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने राज कुमार, विजय मंडल और कृष्णन की नार्को परीक्षण और ब्रेन मैपिंग की परीक्षण रिपोर्ट निचली अदालत में पेश करने का सीबीआई को निर्देश देने संबंधी याचिका खारिज कर दी थी।
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तलवार दंपति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता यू यू ललित ने निचली अदालत में इन वैज्ञानिक परीक्षणों को पेश करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ये परीक्षण इस दंपति पर भी किए गए थे। जो इस अपराध में उनके शामिल होने की संभावना से इंकार करते हैं, लेकिन उनके नौकरों पर किये गये परीक्षणों में उनकी भूमिका की संभावना का पता चला था।

'परीक्षणों के नतीजे बतौर साक्ष्य स्वीकार्य नहीं'
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस तरह के परीक्षणों के नतीजे बतौर साक्ष्य स्वीकार्य नहीं हैं और इस दंपति ने मुकदमे को लंबा खींचने के इरादे से विभिन्न अदालतों में कई अर्जियां दी हैं जबकि इस मुकदमे की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश नवंबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

6 मई, 2008 को हुई थी हत्या
गौरतलब है कि आरूषि 16 मई, 2008 को नोएडा के जलवायु विहार स्थिति आवास में अपने कमरे में मृत मिली थी। शुरू में घरेलू नौकर पर संदेह था लेकिन अगले ही दिन उसका शव भी घर की छत पर मिला था। जांच एजेन्सी का निष्कर्ष है कि आरूषि की हत्या में किसी बाहरी व्यक्ति के शामिल होने की संभावना नहीं है और इस वारदात को संभवत: उसके माता पिता ने ही अंजाम दिया था।

हाईकोर्ट ने नार्को विश्लेषण और ब्रेन मैपिंग परीक्षण की रिपोर्ट के लिए तलवार दंपति की याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत में ध्वनि की नकल रिपोर्ट पेश कराने का उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया था। इस मसले पर सीबीआई ने परीक्षण किया था कि हत्याओं के दौरान कैसे तलवार दंपति कोई आवाज नहीं सुन सके। गाजियाबाद स्थित सीबीआई की सत्र अदालत ने 18 जून को तलवार दंपति की इस संबंध में अर्जियों को अस्वीकार कर लिया था।
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