आरुषि-हेमराज मर्डर केस में सोमवार को घरों में झाड़ू-पोंछा करने वाली कुसुम ने बयान दर्ज कराए। कुसुम ने बताया कि उसे एक मोबाइल दादरी रोड पर स्थित पार्क में पड़ा मिला था। गवाह से डिफेंस की जिरह भी पूरी हो गई। इससे पहले आरुषि-हेमराज मर्डर केस के आरोपी तलवार दंपति कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश हुए।
सीबीआई लोक अभियोजक आरके सैनी और बीके सिंह ने घरेलू नौकरानी कुसुम को विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में बतौर गवाह पेश किया। कुसुम ने बताया कि पार्क में मिले मोबाइल को लाकर उसने घर में रख दिया था। इसके बाद बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र के गांव दशहरा में रहने वाला उसका भाई रामभूल आया और मोबाइल उसके बेटे से मांगकर ले गया।
गवाह के अनुसार रामभूल ने इस मोबाइल को करीब डेढ़ साल तक इस्तेमाल किया। एक दिन दिल्ली पुलिस उसे पकड़कर ले गई। तब उसे पता चला था कि मोबाइल आरुषि का था। पुलिस और सीबीआई ने उससे और उसके परिजनों से पूछताछ की थी। डिफेंस के अधिवक्ता मनोज शिशौदिया और सत्यकेतु सिंह ने गवाह से जिरह की।
जिरह में गवाह ने बताया कि उसका या उसके पति का सीबीआई ने झूठ बोलने वाली मशीन से कोई टेस्ट नहीं कराया। जिस समय उसे मोबाइल मिला था, उस समय उसके परिवार में किसी के पास मोबाइल फोन नहीं था। गवाह से जिरह पूरी होने पर न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई के लिए अब 16 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।