फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली की गद्दी पर AAP, शपथ रामलीला मैदान में

Mon, 23 Dec 2013 04:41 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
आखिरकार वह दिन आ गया, जिसका दिल्ली को 8 दिसंबर से इंतजार था। विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाली दिल्ली की जनता को आखिरकार सरकार मिलने जा रही है।
विज्ञापन


आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार के दिल्ली के उप-राज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

सरकार बनी तो जेल जाएंगे भ्रष्ट नेता: केजरीवाल

राजनिवास के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैंने उप राज्यपाल से कहा है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में सरकार बनाने को तैयार है। उन्होंने मुझसे कहा है कि वह यह प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजेंगे और उनके निर्देश लेने के बाद हमें बताएंगे।"

शपथ ग्रहण समारोह रामलीला मैदान में
केजरीवाल ने बताया कि शपथ की तारीफ राष्ट्रपति से निर्देश मिलने के बाद तय होगी और शपथ ग्रहण समारोह दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा। यह वही जगह है, जहां केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर जन लोकपाल को लेकर आंदोलन शुरू किया था।
विज्ञापन


वादा तेरा वादाः 7 वादे पूरे कर पाएंगे केजरीवाल?

उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी के 28 विधायक सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के विधायकों से बाहर से समर्थन लेंगे। इससे पहले पार्टी ने अपना फैसला सुनाया कि वह दिल्ली में सरकार बनाने को तैयार है, क्योंकि जनता के बीच उन्होंने जो जनमत संग्रह कराया, उसमें यही संकेत मिला है।

'जनता ने दिया सरकार बनाने का हुक्म'
केजरीवाल ने कहा, "हमें वेबसाइट, फोन कॉल, एसएमएस और जनसभाओं के जरिए प्रतिक्रिया मिली है और उनमें से ज्यादातर का कहना है कि आम आदमी पार्टी को सरकार बनानी चाहिए।"

मोदी ने ओबामा, लिंकन से की अपनी तुलना!

पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली में 74 फीसदी लोग आप के सरकार बनाने के पक्ष में हैं और 280 जनसभाओं में से 257 में भी यही हुक्म मिला है।

'मुख्यमंत्री पर कोई पसोपेश नहीं'
सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा, "हमने केजरीवाल की अगुवाई में चुनाव लड़ा और सभी 28 विधायकों का कहना है कि वही दिल्ली के मुख्यमंत्री बनें।"

पढ़ें:- AAP की सरकार, जानें दिन भर क्या-क्या हुआ?

4 दिसंबर को हुए चुनावों में त्रिशंकु नतीजे सामने आए। 70 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा को 32, आम आदमी पार्टी को 28 और कांग्रेस को 8 सीटें मिली थीं।

भाजपा ने किया था इनकार
उप राज्यपाल ने सबसे पहले भाजपा को न्योता भेजा, जिसने सरकार बनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद आप ने सरकार बनाने का निर्णय लिया और कांग्रेस ने जादुई आंकड़े तक पहुंचने में उसे मदद देने की बात कही।

'आप' के मंत्रीः नेताओं की नई प्रजाति

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आम आदमी पार्टी को बधाई देते हुए वे वादे पूरा करने को कहा, जो जनता से किए गए हैं। कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, "अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की सेवा करने का मौका मिलने पर बधाई। मुझे उम्मीद है कि वह अपने वादे पूरा करेंगे।"

'आम आदमी पार्टी ने किया विश्वासघात'
भाजपा ने आम आदमी पार्टी को सरकार बनाने के फैसले पर एक तरफ मुबारकबाद दी, तो दूसरी तरफ उस पर दिल्ली की जनता से विश्वासघात का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का चेहरा रहे डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, "आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार विरोध का मुद्दा उठाकर चुनाव लड़ा और अब वे उस पार्टी का समर्थन ले रहे हैं, जिसे दिल्ली की जनता से पूरी तरह नकार दिया है। इससे साबित होता है कि आप सत्ता की भूखी थी।"
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें