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संकटों में घिरी आप को एक और सदमा

Wed, 11 Jun 2014 12:43 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद देशभर में चर्चा बटोरने वाली आम आदमी पार्टी इस समय बड़ी परेशानी में है। पार्टी के चंदे में भारी गिरावट देखी जा रही है।
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ताजा हालात पर गौर करें तो पार्टी को मिलने वाला चंदे का रजिस्टर खाली पड़ा है। लोगों ने पार्टी को चंदा देना लगभग बंद कर दिया है। ये हाल लोकसभा चुनाव के बाद का है।

लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी की कार्यशैली का असर दिखाई दे रहा था। पार्टी को लोगों का सहयोग जारी रहा। उसे चंदा मिलता रहा। यहां तक कि जब दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक ऑटो ड्राइवर के थप्पड़ मारने की घटना के बाद पार्टी के चंदे में खासा उछाल आया।
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पार्टी से कम हो रहा लोगों का विश्वास!

लेकिन आज हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। पार्टी से लोगों को विश्वास इसकदर कम हो गया है कि दानदाताओं ने पार्टी का सहयोग लगभग बंद कर दिया है। ऐसे में 18 महीने पूरे कर चुकी इस पार्टी के लिए ये एक बड़ा झटका है।

इसके पीछे अहम वजह पार्टी में जारी विवाद भी है। पिछले दिनों पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव के बीच विवाद की खबरों का इस पर खासा असर नजर आया। 8 जून को पार्टी को 8,293 रुपये का चंदा मिला। इससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कैसे पार्टी से लोगों का भरोसा कम हो रहा है।

हालांकि इससे पहले 21 मई को नितिन गडकरी की ओर से मानहानि के केस में अरविंद केजरीवाल के जेल जाने पर पार्टी को 7.42 लाख रुपये का चंदा मिला था। इसके अगले दिन इसमें भारी गिरावट नजर आई और चंदे की रकम 5.62 लाख पर पहुंच गई। इतना ही नहीं 23 मई को जब केजरीवाल ने जमानत राशि देने से इंकार किया उस दिन पार्टी का चंदा गिरकर 58,000 पर पहुंच गया।

कई बार पहले हुआ चंदे में इजाफा

इससे पहले दो ऐसे मौके आए थे जब पार्टी को मिलने वाले चंदे में खासा इजाफा देखा गया था। पहला मामला 4 अप्रैल का है, जब केजरीवाल को दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में थप्पड़ मारने की घटना के बाद चंदा 1.46 करोड़ तक पहुंच गया।

वहीं गुजरात में 5 मार्च को केजरीवाल के हिरासत में लेने और दिल्ली में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान पार्टी को मिलने वाले चंदे की राशि 24.49 लाख तक पहुंच गई। जबकि उसके एक दिन पहले पार्टी को 8.57 लाख रुपये का चंदा मिला था।

जब अरविंद केजरीवाल ने 26 मार्च को वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो उस दिन भी पार्टी एक करोड़ से ज्यादा चंदा हासिल किया। जबकि 25 मार्च को पार्टी को 48 लाख रुपये का चंदा मिला था।
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लोकसभा चुनाव के बाद से बिगड़े हालात

16 मई को जब लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने आए तो उस दिन पार्टी को 22 लाख का चंदा मिला। इसके बाद से ही पार्टी के चंदे में लगातार गिरावट का दौर जारी है।

जून महीने में पार्टी के चंदे में खासी गिरावट दिखाई दे रही है। दान की राशि हजारों में पहुंच चुकी है। हालांकि इसमें 10 जून एक अपवाद है। जब पार्टी में विवाद सुलझने और पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के पार्टी को फिर से खड़ा करने के ऐलान के बाद लोगों का थोड़ा भरोसा पार्टी में जगा। इसीलिए इस दिन पार्टी को 1.38 लाख का चंदा मिला।

फिलहाल चंदे में गिरावट और उछाल तो अपनी जगह है। लेकिन पार्टी को कहीं न कहीं अपनी नीतियों के बारे में एक बार फिर से सोचने की जरूरत है। जिससे पार्टी में लोगों का विश्वास फिर से कायम हो सके।
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