मोहड़ा प्रखंड स्थित गहलौर घाट में जिंदगी बदलने वाली प्रेरणा देने वाले माउंटेन मैन के रूप में विख्यात दशरथ मांझी को मंगलवार को भारतीय सिनेमा के सुप्रसिद्ध स्टार अभिनेता आमिर खान ने सम्मानित किया।
पटना हवाई अड्डा से आमिर खान एवं स्टार इंडिया के सीईओ उदय भांकर सीघे गहलौर घाटी गये और दशरथ मांझी के परिवार से मिले। इसके बाद उन्होंने माउंटेन मैन द्वारा पहाड़ को अपने हाथों से काटकर बनाये गये 360 फीट लंबे रास्ते को देखा।
पहाड़ काटकर बनाया
इस मौके पर भांकर ने कहा कि दशरथ मांझी की कहानी हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा गाथा है, जो हमें इंसान बनने के साथ यह सिखाती है कि हम एक इंसान के तौर पर दुनिया में रहने वाले इंसानों के बारे में भी सोंचे।
उन्होंने कहा कि दृढ़ता, समर्पण और इंसानियत से बने इस महापुरुष को देख पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आमिर खान ने कहा कि हमारी कोशिश वैसे ज्वलंत मुद्दों को उठाना है, जिससे देश के नागरिक प्रभावित हों।
टीवी पर आऐंगे दशरथ मांझी
इस सीजन में भी वैसे ही मुद्दों को उठाने की काशिश है, जिससे जनमानस प्रभावित हो। चाहे वे मुम्बई में रहने वाले हो, अथवा कोलकाता या दिल्ली में। उन्होंने कहा कि अपने पहले सीजन में दर्शकों की संख्या व उनकी भागीदारी से सत्यमेव जयते ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
बता दें कि दशरथ मांझी जिस गांव में रहते थे, वहां से अतरी ब्लॉक से वजीरगंज की दूरी 55 किलोमीटर थी। उनकी पत्नी की मौत दवाइयों के अभाव में हो गई थी। क्योंकि बाजार दूर था। समय पर दवा नहीं मिल सका। यह बात उनके मन में घर कर गई।
20 फीट चौड़ा और 360 लंबा था पहाड़
उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि चाहे, जो कुछ हो जाए, इस पहाड़ को काटकर रास्ता बनाएंगे, जो अतरी व वजीरगंज की दूरी को कम करेगा। बस, उन्होंने छेनी व हथौड़े की मदद से दो दशक में गहलौर की पहाड़ियों को काटकर 20 फीट चौड़ा व 360 फीट लंबा रास्ता बना दिया।
इस रास्ते के बन जाने से अतरी ब्लॉक से वजीरगंज की दूरी मात्र 15 किलोमीटर रह गई। सत्यमेव जयते ने दशरथ मांझी की इस कहानी को वर्ष 2012 में पहले सीजन में ही दर्शकों के सामने पेश किया था।