लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) नामचीन राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ विभिन्न क्षेत्रों के जाने माने चेहरों को चुनाव मैदान में उतारेगी।
पार्टी के रणनीतिकारों को लगता है कि ऐसा करने से अपनी ही संसदीय सीटों पर उलझे रहने के कारण विरोधी दलों के बड़े नेता जहां जम कर चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे, वहीं पार्टी को बैठे बिठाए देशव्यापी प्रचार भी मिलेगा।
इसके अलावा आप चुनाव पूर्व गठबंधन के बदले विभिन्न दलों से वैचारिक रूप से जुड़ी हस्तियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों की जानीमानी हस्तियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
समाजवादी विचारधारा के समर्थकों पर नजर
पार्टी की निगाहें उन छोटे-छोटे सामाजिक संगठनों पर भी है, जो वाम और समाजवादी विचारधारा से जुड़े हैं। यही कारण है कि वाम मोर्चे का नेतृत्व कर रही माकपा के बार-बार डोरे डालने के बावजूद आप चुनाव पूर्व या चुनाव के बाद गठबंधन से साफ इनकार कर रही है।
आप ने इस संबंध में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लालकृष्ण आडवाणी, अनंत कुमार, मुलायम सिंह यादव, डॉ मुरली मनोहर जोशी, पी चिदंबरम सहित दो दर्जन नेताओं और उनकी संसदीय सीटों की संभावित सूची तैयार की है।
इनके खिलाफ नामचीन हस्तियों को चुनाव मैदान में उतारने के लिए भी पार्टी एक दूसरी सूची भी तैयार कर रही है।
कई हस्तियों ने थामा दामन
अब तक वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की नृत्यांगना पुत्री मल्लिका साराभाई, दिवंगत प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के प्रपौत्र आदर्श शास्त्री, इंफोसिस के बोर्ड मेंबर रहे वी बालाकृष्णन, रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड की सीईओ रही मीरा सान्याल, हॉकी टीम के पूर्व कप्तान अजित पाल सिंह, धावक मिल्खा सिंह के पुत्र और पुत्री, एयर डेक्कन के संस्थापक कैप्टन गोपीनाथ, पत्रकार आशुतोष आप में शामिल हो चुके हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने आप को समर्थन दिया है। पार्टी मशहूर वाम विचारक साहित्यकार महाश्वेता देवी के भी संपर्क में है। जबकि भाकपा माले कई मुद्दों पर खुल कर आप का साथ दे चुकी है।