काशी के रण में आम आदमी पार्टी रोजाना किसी न किसी मुश्किल से दो-चार हो रही है। हर दरवाजे पर दस्तक देने की कोशिश में जुटी पार्टी को अब बूथ प्रभारी और एजेंटों के चयन के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
पार्टी कार्यालय पर सैकड़ों आवेदन और फोन रोजाना आ रहे हैं लेकिन पार्टी की कसौटी पर खरा उतरने वालों को ही जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
पार्टी का प्रयास है कि बूथ प्रभारी और एजेंट ऐसे कार्यकर्ताओं को बनाया जाए जो न केवल स्वच्छ छवि के हों, बल्कि समाज में उसकी पहचान भी हो। लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का माद्दा रखता हो।
कसौटी पर खरा उतरने वालों को ही जिम्मा
इसके लिए आवेदकों का कई स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो सख्त मानकों के चलते ही 20 प्रतिशत से अधिक बूथों पर अभी तक प्रभारियों का चयन नहीं हो पाया है।
वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में सघन जनसंपर्क के साथ ही आम आदमी पार्टी बूथ वार प्रभारियों और एजेंटों के चयन में पसीना बहा रही है।
बूथ प्रभारी और वालंटियर बनने के लिए पार्टी समर्थकों को कड़ी परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ रहा है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र प्रभारी के अधीन विभिन्न राज्यों से आए लोगों की एक प्रेक्षक टीम बनाई गई है।
20 प्रतिशत से ज्यादा बूथों पर नहीं बने एजेंट
इसमें वे लोग शामिल हैं जिन्हें दो या तीन साल का राजनीतिक अनुभव है या अन्ना के आंदोलन के समय से ही केजरीवाल के साथ जुड़े हैं। यह टीम स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ डोर-टू-डोर जनसंपर्क में जुटी है।
प्रचार अभियान के साथ ही वह कार्यकर्ताओं की लगन और मतदाताओं से उनके व्यवहार पर भी कड़ी नजर रख रही है।
बेहतर व्यक्तित्व वाले को मतदान केंद्र प्रभारी बनाया जा रहा है। इसके बाद मतदान केंद्र प्रभारी अपने अधीनस्थ प्रत्येक बूथ के लिए एक प्रभारी नियुक्त कर रहा है जो नौ साथियों का नाम मतदान केंद्र प्रभारी के माध्यम से प्रेक्षकों को प्रेषित कर रहा है।
बूथ प्रभारी और एजेंट के लिए ये है शर्तें
खास बात यह है कि बूथ से जुड़ने वाले सभी कार्यकर्ताओं के आई कार्ड की फोटोकॉपी और उनके फोन नंबर साथ में सबमिट कराए जा रहे हैं।
पार्टी के विधानसभा प्रभारी और प्रेक्षक टीम के सदस्य पहले संबंधित कार्यकर्ता को उसके नंबर पर कॉल करके पार्टी के प्रति उसकी रुचि और नजरिया जान रहे हैं।
फिर, उस क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों से भी उस कार्यकर्ता के बारे में फीडबैक लिया जा रहा है। तब जाकर बूथ प्रभारी और एजेंट बनाए जा रहे हैं।
हर बूथ पर लगेंगे 10 आप कार्यकर्ता
आम आदमी पार्टी प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक प्रभारी चुन रही है। इसके बाद हर बूथ पर दस कार्यकर्ताओं का चयन मतदान केंद्र प्रभारी की सहमति से हो रहा है। इनमें से आठ बूथ के बाहर तैनात किए जाएंगे और दो को बूथ के अंदर बैठाया जाएगा।
ये दोनों कार्यकर्ता ऐसे होंगे जो किसी भी तरह नियम विपरीत कार्य पर आवाज उठाने का माद्दा रखते हों। बूथों पर तैनाती में पार्टी युवाओं को प्राथमिकता दे।
‘अन्य राजनीतिक पार्टियों से अलग बूथ लेवल पर चुने जा रहे आप कार्यकर्ताओं को कोई पैसा नहीं दिया जा रहा है। हम ध्यान दे रहे हैं कि बूथ एजेंटों की समाज में अच्छी छवि हो। अब तक 80-90 प्रतिशत बूथों पर प्रभारी और एजेंट बनाए जा चुके हैं।’- प्रेरणा, मीडिया प्रभारी, आप