दिल्ली के चुनाव परिणामों में किसी को बहुमत नहीं मिला है। लेकिन आम आदमी पार्टी को बहुमत मिल सकता था बशर्ते अगर वह स्टिंग ऑपरेशन ना हुआ होता। चुनाव से ठीक पहले आम आदमी के कुछ उम्मीदवारों के खिलाफ किया गया वह स्टिंग, जिसमें उनके नेताओं को बिना रसीद के पैसे लेते हुए दिखाया गया था, ने उनकी संभावनाओं को थोड़ी चोट पहुंचाई है।
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स्टिंग ने 5 उम्मीदवारों को हराया
आप के कुमार विश्वास के अलावा नौ उम्मीदवारों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किए गए थे, जिनमें से 5 उम्मीदवारों को हार का मुंह देखना पड़ा है। शाजिया इल्मी (आरके पुरम), इरफान उल्ला खान (ओखला), मुकेश हुड्डा (रोहतास नगर), भावना गौर (पालम), कपिल मिश्रा (करावल नगर) अपने-अपने प्रतिद्वंदियों से हार गए हैं। कुमार विश्वास आप के सदस्य हैं लेकिन वो पार्टी की ओर से उम्मीदवार नहीं थे।
तस्वीरों में देखें: जीत की खुशी में सराबोर 'आप' के कार्यकर्ता
जीत का अंतर बहुत कम
इन पांच जगहों में से बीजेपी के उम्मीदवार जीते हैं जबकि ओखला से कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली है। इन पांचों सीटों में आप उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे हैं और कम वोटों के अंतर से हार मिली है।
अगर ये सीटें आप को मिलती तो आप दिल्ली में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती और बीजेपी को दूसरे नंबर से संतोष करना पड़ता।
इन पांच सीटों के अलावा आप 16 अन्य सीटों पर दूसरे नंबर रही है, जिनमें से कई तो हजार से भी कम वोट से हारे हैं।
हालांकि आम आदमी पार्टी ने इस स्टिंग के खिलाफ मानहानि का दावा ठोंक रखा है लेकिन फिलहाल तो यह आंकड़े बताते हैं कि शायद अगर यह स्टिंग नहीं हुआ होता तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती।
दिल्ली के 70 विधानसभा के सभी सीटों के नतीजे आ गए हैं। बीजेपी को 31, आप को 28, कांग्रेस को 8, जेडीयू को एक, शिरोमणि अकाली दल को एक सीटें मिली हैं। बीजेपी का शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन था। इस लिहाज से बीजेपी की 32 सीटें होती हैं।