विवादों का 'आकाश' बच्चों की क्लास में न केवल पास हो गया है बल्कि छात्रों ने उसे बेहद उपयोगी पाया है। आकाश टैबलेट के माध्यम से शिक्षा में आईसीटी को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयोग के बारे में आईआईटी कालेज ने अपनी आरंभिक रिपोर्ट मानव संसाधन मंत्रालय को सौंप दी है।
इस समय 300 इंजीनियरिंग कालेजों तथा चार प्राइमरी स्कूलों में आकाश टैबेलेट के माध्यम से छात्रों को शिक्षा प्रदान की जा रही है।
सूचना एवं प्राद्योगिकी के जरिये शिक्षा प्रदान करने के राष्ट्रीय अभियान (एनएमईआईसीटी) के तहत मानव संसाधन मंत्रालय अभी एक लाख आकाश टैबलेट खरीदा था।
आकाश के व्यवहारिक उपयोगिता को परखने की जिम्मेदारी आईआईटी मुंबई को सौंपी गई है। आईआईटी मुंबई ने देश तीन सौ इंजीयरिंग कालेजों में छात्रों को निशुल्क आकाश टैबलेट उपलब्ध कराया है।
छात्रों ने आकाश टैबेलट को इंजीनियरिंग की पढ़ाई में खासकर ऑनलाइन शिक्षा के लिए बेहद उपयोगी माना है। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में महाराष्ट्र के पंढ़रपुर इलाके के चार स्कूलों में आकाश टैबलेट के जरिये नवीं कक्षा के बच्चों को विज्ञान तथा गणित की सफलता पूर्वक शिक्षा प्रदान की जा रही है। आईआईटी मुंबई ने इन स्कूलों तथा आसपास के गांवों में निशुल्क वाईफाई इंटरनेट कनेक्शन भी उपलब्ध कराया है।
आईआईटी मुंबई में कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रमुख प्रो.दीपक फाटक ने अमर उजाला को बताया कि हमने आरंभिर रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है। अभी कुछ और कालजों से फीडबैक मिलना है।
इसके बाद हम 15 दिन में मंत्रालय को फाइनल रिपोर्ट सौंप देंगे। प्रो. फाटक ने कहा कि अब आकाश टैबेलट की शिक्षा में उपयोगिता को लेकर कोई संशय नहीं है फाइनल रिपोर्ट में सिर्फ ज्यादा से ज्यादा छात्रों के फीडबैक शामिल करने का काम बाकी है।
मानव संसाधन मंत्रालय में उच्च शिक्षा सचिव अशोक ठाकुर ने कहा कि हम फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद हम आकाश टैबलेट को खरीदने की प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई शुरु करेंगे।
आकाश-4 पर फैसला जल्द
प्रो. फाटक के अनुसार लेटेस्ट तकनीक के साथ आकाश-4 लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके फीचर पर लोगों की राय मांगी गई थी। अगले हफ्ते तक उसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। आकाश-4 की खरीद के लिए अब केंद्र सरकार की ओर से ग्लोबल टेंडर जारी किये जाएंगे।
आकाश को शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभाग भी केंद्रीय आपूर्ति के माध्यम से हासिल कर सकेंगे। प्रो.फाटक ने आकाश-4 के भारत में ही उत्पादन शुर करने के लिए उन्होंने सरकार से देश में ही जरुरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कराने की भी सिफारिश की है।