विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कालेज एवं विश्वविद्यालयों में आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष केंद्र खोलकर ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इससे जोड़े जाने का निर्देश दिया है।
आयोग ने कहा है कि चूंकि सरकार ने सभी तरह की छात्रवृत्तियों को आधार योजना से जोड़े जाने का फैसला लिया है अत: सभी छात्रों का कार्ड बनवाने के लिए कालेज व विश्वविद्यालय प्रशासन स्थानीय प्रशासन से मिलकर इसके लिए प्रयास करें। यूजीसी ने एक नोडल अफसर नियुक्त कर छात्रों की मदद करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड (यूनीक आइडेंटिटी नंबर) को अनिवार्य कर दिया है। आगामी चुनाव में इस योजना को कांग्रेस केंद्र सरकार की विशेष उपलब्धियों के रूप में प्रोजेक्ट करके चुनावी लाभ हासिल करना चाहती है लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद आधार कार्ड बनाने तथा उससे सरकारी योजनाओं को शत प्रतिशत जोड़ने की योजना को गति नहीं मिल पा रही है। आधार कार्ड बनाने की योजना को गति देने के लिए अब शिक्षण संस्थाओं की मदद ली जाएगी।
यद्यपि यूनीक आइडेंटिटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया का लक्ष्य देश के हर नागरिक को एक यूनीक नंबर देता है। आधार कार्ड पर यह नंबर दर्ज होगा। पिछले दो तीन साल से लगातार प्रयास के बावजूद आधार कार्ड बनाने व उसे वितरित करने की योजना को प्रभावी गति नहीं मिल सकी है।
इस बीच पेंशन, छात्रवृत्ति तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य कर दिया गया। बड़ी संख्या में लाभार्थियों के पास आधार कार्ड नहीं होने के कारण इस फैसले पर अब अमल करने में भारी दिक्कतें उठ खड़ी हुई हैं।