गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई मुस्लिम लड़की 15 साल की उम्र पूरी कर लेती है या रजस्वला की अवस्था प्राप्त कर लेती है तो वह शादी कर सकती है। कोर्ट ने यह फैसला बाल विवाह निरोधक अधिनियम के तहत एक युवा पर चल रहे मुकदमे में सुनाया है। इस युवा ने अपनी ही कम्युनिटी की एक 17 साल की लड़की से शादी कर ली थी।
यह फैसला न्यायाधीश जे बी पार्दिवाला (J B Pardiwala) ने सुनाया है। इस फैसले में कहा गया है कि लड़का और लड़की दोनों ही मुस्लिम समुदाय के हैं। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के मुताबिक, कोई भी लड़की अगर रजस्वला हो जाती है या फिर 15 साल की हो जाती है तो वह बिना अपने मां-बाप की इजाजत के शादी कर सकती है।