जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के हमले पर लचर बयान देकर विपक्ष के निशाने पर आए रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने अपनी सफाई में कहा है कि उनके पास जो सूचना थी, उसी के आधार पर उन्होंने बयान दिया था। उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तानी हमले के बारे में नई अधिका जानकारियां मिलीं तो वे राज्यसभा में दोबार बयान दे सकते हैं।
इससे पहले रक्षा मंत्री ए के एंटनी के बयान को लेकर आज सदन में बवाल मच गया है। भाजपा ने संसद के दोनों सदनों में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि एंटनी को अपने बयान पर देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपने बयान से पाकिस्तान और उसकी फौज को क्लीन चिट दे दी।
पाकिस्तानी सेना की वर्दी में थे आतंकवादीः एंटनी
सुषमा ने कहा, 'एंटनी के बयान के बाद फौज ने भी अपना बयान बदल दिया। रक्षा मंत्री के बयान से पाकिस्तान को बच निकलने का मौका मिल गया।' साथ ही उन्होंने इस मसले पर प्रधानमंत्री को जवाब देने की मांग की।
भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने बुधवार को राज्य सभा में प्रश्नकाल स्थगित करने के लिए सभापति को नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि एंटनी का बयान हास्यास्पद है। साथ ही उन्होंने पूछा है कि क्या एंटनी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री हैं।
सरहद पर फिर ना'पाक' हरकत, हमले में 5 जवान शहीद
उनके नोटिस के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि उनका बयान कोई विशेषाधिकार हनन का मामला नहीं हैं। उस समय उनके पास जो भी सूचना थी उस आधार पर ही उन्होंने बयान दिया था।
भारतीय सैनिकों की हत्याः सड़क से संसद तक उबाल
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री ने मंगलवार को हमले की पुष्टि करते हुए संसद को बताया था कि हथियारों से लैस 20 आतंकवादियों ने नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय सैनिकों के गश्ती दल पर हमला किया। जबकि सेना के बयान में कहा गया था कि पाक सेना के हमले में पांच जवान शहीद हुए। रक्षा मंत्री के बयान के बाद सेना को भी अपना बयान बदलना पड़ा था।