साढ़े तीन साल का बच्चा अपने पिछले जन्म के माता-पिता, भाई, मित्र, मोहल्ले के लोगों के बारे में बता रहा है। सामने आने पर उन्हें नाम से पुकारता है। यही नहीं अपने पूर्व जन्म के घर का पूरा नक्शा की बना कर दिखाता है।
कहानी कुछ फिल्मी लगती है। लेकिन आजकल एक ऐसा ही मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। रविवार को इसका फैसला होगा कि इस मामले में कितनी सच्चाई है।
क्षेत्र के गांव बास सतनाली निवासी रामू उर्फ उमाशंकर के घर लोगों का तांता लग रहा है। लोग उनके बेटे कार्तिक को देखने पहुंच रहे हैं, जो पुनर्जन्म की बात को लेकर चर्चा में है। उमाशंकर की पत्नी बिंदु ने 2010 में कार्तिक को जन्म दिया था।
घर का नक्शा भी बता देता है कार्तिक
कार्तिक के दादा संतलाल शर्मा और दादी रोशनी देवी ने बताया कि जब कार्तिक डेढ़ साल का था तो अपने पूर्व माता-पिता, आस पड़ोस और जाति आदि के बारे में बताने लगा था। वह जमीन पर अपने घर का नक्शा भी बनाकर दिखाता था।
पहले तो वह कार्तिक की बातों को नजरअंदाज करते रहे लेकिन अब वह साढ़े तीन साल का हो चुका है और स्पष्ट बोलने लगा है। वह अब अपने पूर्व पिता, मकान व पड़ोस के बारे में स्पष्ट बताने लगा।
कार्तिक के बार-बार उन बातों को दोहराने पर उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया और उसके बताए घर पर पहुंचे। तो सभी बातें सच निकलीं। दादा संतलाल ने बताया कि कार्तिक ने कुछ दिन पहले पूर्व मां मरने वाली है, जैसी बात बताई थी।
मौत से उछला मामला
सतनाली निवासी घनश्याम पुत्र दीनाराम के तीन बेटे कृष्ण, सोनू और दीपक उर्फ गुलशन। इनमें से सबसे छोटे बेटे दीपक (15) की अगस्त 2007 में अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में मौत हो गई थी।
उमाशंकर का बेटा कार्तिक खुद को घनश्याम का मृतक पुत्र दीपक बताया है। इस बारे में मृतक दीपक के पिता घनश्याम ने बताया कि उन्होंने जब इस संबंध में चर्चा सुनी तो फोन पर कार्तिक से बात की। उन्होंने जो भी पूछा उनमें अधिकांश जवाब दीपक से संबंधित पाए गए।