अगर आपको कोई ऐसे शख्स के बारे में बताए जो केवल बाल काटकर अरबपति बन गया तो आपका चौंकना लाजमी है। लेकिन यह सच है कि बंगलूरू में नाई का काम करने वाले रमेश बाबू केवल इसी की बदौलत आज न केवल शानो-शौकत की जिंदगी गुजर कर रहे हैं, बल्कि उनके पास करीब 67 कारों का काफिला है। इस काफिले में तमाम महंगी कारें भी हैं।
रमेश बाबू जब सात वर्ष के थे तो उस समय उनके पिता का देहांत हो गया था। उनकी मां लोगों के घरों में खाना पकाकर बच्चों का लालन-पालन करती थी।
रमेश के पिता चेन्नास्वामी स्टेडियम के पास नाई की एक दुकान चलाते थे। उनके निधन के बाद रमेश के चाचा ने वह दुकान पांच रुपये मासिक की मामूली रकम पर किराए पर ले ली थी।