दिल्ली बसंत विहार के ‘दामिनी रेप कांड’ के मामले में भले ही बुधवार को कोर्ट आरोपियों को सजा सुनाएगी, मगर राजधानी से सटे इस इलाके में आज भी करीब 9700 ‘दामिनी’ न्याय के इंतजार में हैं।
बसंत विहार रेप कांड के बाद से रेप की सुनवाई के लिए सात अलग कोर्ट बनाई गई हैं। शासन के आदेश पर रेप कांड की सुनवाई इन कोर्ट में चल रही हैं।
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इसका असर ये हुआ कि वर्षों से लंबित मामलों की सुनवाई में अब तेजी आई है। साल भर में गाजियाबाद कोर्ट में 200 से ज्यादा मामलों में फैसला सुनाया जा चुका है।
16 दिसंबर 12 को बसंत विहार इलाके में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद यूपी शासन के आदेश पर गाजियाबाद में चल रहे रेप से संबंधित सभी मामले (निठारी कांड को छोड़कर) सात कोर्ट में ट्रांसफर कर दिए गए थे।
शासन ने आदेश दिया था कि इन मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर करते हुए जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।
तभी से यह कोर्ट एक के बाद एक कई मामलों में अपना फैसला देकर आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी हैं। शासन स्तर से भी रेप कांड संबंधी सुनवाई की मानीटरिंग की जा रही है।