सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने एनआरएचएम घोटाले में फंसे यूपी के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, एमएलसी आरपी जायसवाल समेत 9 आरोपियों पर चार्ज लगाने के लिए पर्याप्त आधार माने हैं। सभी आरोपियों की डिस्चार्ज अर्जी को खारिज करने के साथ ही अब आरोप तय करने के लिए कोर्ट ने 31 अक्तूबर की तारीख निर्धारित की है।
डासना जेल में बंद कुशवाहा, जायसवाल, जेके सिंह, बीएनराम यादव, आरके सिंह, पीके जैन, नरेश ग्रोवर, कटार सिंह और बीएन श्रीवास्तव को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया। सीबीआई लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि आरोपियों ने मुकदमे से उन्मोचित करने के लिए डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की थी। डिस्चार्ज अर्जियों पर बहस पूर्व में ही पूरी हो चुकी है। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने माना कि सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार हैं।
कुशवाहा और जायसवाल को आपराधिक साजिश रचने, पद का दुरुपयोग करने व बेईमानी से पैसा लेने का आरोपी पाया गया है। नरेश ग्रोवर और आरके सिंह के खिलाफ षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी करने व घोटाले में फंसे बाकी सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी धन को हड़पने, पद का दुरुपयोग करने के पर्याप्त आधार मिले हैं।