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सांसद झूठ बोल रहे हैं या पार्टी, नहीं मिल रहा चुनाव खर्च का हिसाब

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भाजपा समेत कई दलों के सांसदों ने चुनाव आयोग को लोकसभा चुनावों के खर्च का जो ब्योरा दिया है, वे उनके पर्टियों द्वारा जमा कराए गए ब्योरे से मेल नहीं खाता।
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चुनावों सुधारों के लिए सक्रिय संगठन एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने सांसदों और पार्टियों के चुनाव खर्चों को विश्लेषण करने के बाद दावा किया है कि संसद में 88 सांसद ऐसे हैं, जिन्होंने अपने ब्योरों में कहा है कि उन्हें चुनावों में खर्च के लिए उनकी पार्टियों ने फंड दिया, जबकि पार्टियों के खातों में इसका जिक्र नहीं है। इन सांसदों में 70 सत्ताधारी भाजपा के हैं।

उल्लेखनीय है कि चुनावों के बाद उम्मीदवारों को अपने खर्चों का ब्योरा चुनाव आयोग को सौंपना होता है, जिनमें पार्टियों द्वारा दिए गए धन समेत व्यक्तिगत खातों के खर्च शामिल होते हैं।
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17 करोड़ रुपए का हिसाब ही नहीं मिल रहा है

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव में एक उम्मीदवार के लिए खर्च की सीमा 70 लाख रुपए होती है। गोवा और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए खर्च सीमा अलग है।

एडीआर ने पिछले वर्ष हुए लोकसभा चुनावों के बाद 539 सीटों पर पार्टी और प्रत्याशियों द्वारा जमा कराए गए खर्चों का विश्लेषण किया तो ये विसंगतियां सामने आईं। एडीआर ने बताया कि, 88 सांसदों ने 17.09 करोड़ रुपए पार्टी फंड से पाने की बात कही है। इन सांसदों में 70 भाजपा के हैं, 11 कांग्रेस, पांच सीपीएम, एनसीपी और सीपीआई के एक-एक हैं। हालांकि उनकी पार्टियों द्वारा जमा कराई गई उस सूची में, जिसमें उम्‍मीदवारों को दिए गए पैसों का जिक्र है, इन सांसदों का नाम नहीं है।

एडीआर के रपट में भाजपा के जिन सांसदों का नाम है, उनमें वित्‍त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा, जल संसाधन मंत्री उमा भारती, वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी, लोकसभा अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन, टेक्सटाइल मंत्री संतोष गंगवार शामिल हैं।
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गलत ब्योरा देने वालों में ये हैं कांग्रेस के सांसद

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, गंगवार से इस मुद्दे पर बात जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला एक साल से अधिक पुराना है, इस पर कुछ भी बोलना कठिन है। गंगवार ने कहा, 'मैंने चुनाव से जुड़े सभी दस्तावेज जमा करा दिए हैं।'

उमा भारती के सहयोगी संजय शर्मा ने कहा कि पार्टी से जो पैसा आया था उसका दस्तावेज जमा करा दिया गया है। एडीआर की रिपोर्ट में ये भी पाया गया है कि बीजेपी की टिहरी गढ़वाल की सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह को पार्टी फंड से 15 लाख रुपए दिए गए हैं, हालांकि उन्होंने कहा है कि उन्हें एक भी रुपए नहीं मिले हैं।

रपट में कांग्रेस के जिन सांसदों का नाम है उनमें केवी थॉमस, केसी वेणुगोपाल, एम रामचंद्रन आदि शमिल हैं।
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