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जेनरेटर के धुएं से 800 पर आई आफत

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यूपी के अलीगढ़ में गलती से जेनरेटर में डीजल की जगह कीटनाशक डाल देने से सैकड़ों लोग मुसीबत में आ गए। जेनरेटर चलते समय निकले इसके धुएं ने जन्माष्टमी के मौके पर प्राचीन शिव मंदिर पर कीर्तन में शामिल करीब 800 लोगों की आंखों के लिए समस्या पैदा कर दी।
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घटना अलीगढ़ के बिजौली गांव की है। कीर्तन के दौरान लोग अचानक आंखों की जलन से परेशान हो उठे। पीडि़तों की आंखें लाल होकर सूज गईं। दर्द से उनका हाल बेहाल हो गया।

इसके बाद सीएचसी पर डॉक्टर नहीं होने से मरीजों के परिजनों का गुस्सा और फूट पड़ा। वहां जमकर हंगामा करते हुए कर्मचारियों से अभद्रता कर डाली। सीएमओ ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और मरीजों को आई ड्रॉप वितरित कराए।
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डॉक्टरों ने बताया, केमिकल एलर्जी रिएक्शन

सीएमओ और डिप्टी सीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार व जिला अस्पताल में तैनात नेत्र विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह की जांच में इसे केमिकल एलर्जी रिएक्शन माना है। बड़े पैमाने पर आंखों में इनफेक्शन फैलने की खबर पर सुबह ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई।

तत्काल टीम मौके पर पहुंची और डिप्टी सीएमओ ने छर्रा, अतरौली व बिजौली के नेत्र सहायकों को बुलाकर पीडि़त लोगों का उपचार कराया। डॉक्टरों ने कुल 780 मरीजों को उपचार दिया।

सीएमओ डॉ. एके राय का कहना है कि खतरे की कोई बात नहीं है लेकिन स्थिति पर पूरी नजर रखे हैं। मिथेनॉल के धुएं के कारण आंखों में इनफेक्शन हुआ। डॉ. केपी सिंह का कहना है कि कार्यक्रम में जो जेनरेटर चल रहा था, उसमें डीजल के स्थान पर मिथेनॉल डाल दिया गया, जिसके धुएं ने आंखों में केमिकल एलर्जी रिएक्शन कर दिया।

'आंखें नहीं खुल रही थीं'

गांव बिजौली के प्राचीन शिव मंदिर पर सोमवार रात जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में भजन कीर्तन चल रहा था। गांव के करीब एक हजार से ज्यादा भक्त इसमें शामिल थे।

देर रात करीब 12 बजे कीर्तन समाप्त होने वाला था, तभी कुछ लोगों की आंखों में जलन और खुजली होने लगी। देखते ही देखते यह बीमारी वहां मौजूद तमाम महिला, बच्चे और बुजुर्गों की आंखों में भी होने लगी।

करीब 800 लोगों की आंखों में खुजली से बुरा हाल था। सुबह लोग उठे तो आंखें नहीं खुल रही थीं। किरकिराहट, दर्द के साथ सूजन, खुजली व आंखें लाल थीं। इससे गांव में अफरा तफरी मच गई।

मरीज सीएचसी पहुंचे लेकिन वहां का स्टाफ नदारद था। मरीजों ने प्राइवेट चिकित्सक से इलाज कराया। सीएचसी में मरीजों को उपचार नहीं मिलने की सूचना पर खुद सीएमओ डॉ. एके राय मौके पर पहुंचे।
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पुलिसकर्मी भी आए चपेट में

बिजौली मंदिर पर भजन कीर्तन में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसआई अमित यादव, कांस्टेबल शैलेंद्र सिंह, विजय प्रकाश की ड्यूटी लगाई गई थी।

ग्रामीणों के साथ-साथ इनकी आंखों में भी उसी प्रकार की बीमारी फैल गई। तीनों को भी उपचार कराना पड़ रहा है। इनका भी दर्द से हाल बेहाल है।

चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. एके राय ने बताया कि यह कोई बीमारी नहीं है। संभव है कि कीटनाशक दवा की कट्टी में भरकर जेनरेटर में डीजल डाला गया हो। उसके धुएं से इंफेक्शन फैला हो। जांच हो रही है। सभी पीडि़तों की हालत खतरे से बाहर है।

दूसरी ओर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के ऑप्थामोलोजी इंस्टीट्यूट के डॉ. आरआर सुकुल कहते हैं कि जब ऐसी स्थिति हो तो सभी को खूब आंखों को धोना चाहिए ताकि आंखों में जाने वाले पदार्थ पानी के जरिए खत्म हो जाए। ऐसे मामलों में सावधानी जरूरी है।
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