दिल्ली के मंगोलपुरी स्थित एक सरकारी स्कूल में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। वारदात के बाद इलाके का माहौल गरमा गया और आक्रोशित लोगों ने तीन डीटीसी बसों, संजय गांधी अस्पताल और पुलिस चौकी में जमकर तोड़फोड़ की। बेकाबू लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। गुस्साए लोग गलियों में घुसकर पुलिस पर पथराव करते रहे जो देर शाम तक जारी था।
पथराव में पुलिस कर्मियों समेत करीब दो दर्जन लोग जख्मी हुए हैं। घायलों का संजय गांधी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पीड़ित बच्ची के परिजन ने स्कूल के किसी कर्मचारी के वारदात में शामिल होने का आरोप लगाया है। पुलिस दो शिक्षकों समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक ,मंगोलपुरी में सात साल की बच्ची अपने परिजनों के साथ रहती है। शुक्रवार को बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसके परिजन उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल ले गए। जहां जांच के दौरान पता चला कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया है। बताया जा रहा है कि बच्ची ने परिजनों को बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर मिड डे मील के दौरान उसके साथ बाथरूम में दुष्कर्म किया गया। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
फूट पड़ा गुस्सा
रेप की बात जब स्थानीय लोगों को पता चला तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने रूट संख्या 569 की एक एसी बस पर पथराव कर उसे तोड़ दिया। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस को देखकर लोगों का गुस्सा और भड़क गया। लोगों ने दोबारा पथराव करना शुरू कर दिया।
दोपहर में लोगों ने पथराव कर बस रूट संख्या 939 और 937 की लो फ्लोर बस के शीशे तोड़ दिए। बेकाबू भीड़ ने संजय गांधी अस्पताल में स्थित डॉक्टरों के आवास और कैंटीन को भी निशाना बनाया। इसके साथ ही पुलिस चौकी पर भी पथराव किया गया। आखिर में पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। बावजूद लोग गलियों से मौका पाकर पुलिस पर पथराव कर रहे थे।
‘इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह एक सात साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला है। मुझे विश्वास है कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अपने स्तर से भी मामले की जांच दो-तीन दिन में शुरू की जाएगी।’
- ममता शर्मा, अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग