गाजियाबाद के नई बस्ती इलाके में मंगलवार की रात सतीश गोयल के परिवार के सात सदस्यों की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई।
मृतकों में परिवार के मुखिया सतीश गोयल, पत्नी मंजू, बेटा सचिन, बहू रेखा, पोता-पोती अमन, मेघा और नेहा शामिल हैं।
सतीश गोयल खल-चूरी के कारोबारी थे। एक ही परिवार के सभी सात सदस्यों की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई।
घर में रखे थे 1 करोड़ नकद
मौके पर पहुंची पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि सतीश गोयल अपनी किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले थे। इसके लिए उन्होंने करीब एक करोड़ रुपए अपने घर पर रखे थे। पुलिस को शक है कि किसी जानकार ने ही वारदात को अंजाम दिया है। इसी दिशा में पुलिस तफ्तीश में जुटी है।
बाल-बाल बचीं दो बेटियां
कारोबारी की दो बेटियां विवाहित हैं। एक की फरीदाबाद जबकि दूसरी बेटी की शादी गाजियाबाद में हुई है। कारोबारी सतीश गोयल का ऑप्रेशन होना था, इसलिए दोनों बेटियां घर पर ही रुकने वाली थी। लेकिन किसी कारणवश वे घर पर नहीं रुक पाईं और दोनों की जान बच गई।
पड़ोसी ने किया था फोन
सतीश गोयल के घर के नजदीक ही एक लड़की की शादी के चलते मेहंदी की रस्म हो रही थी, जिसमें मंगलवार रात डीजे बज रहा था। घटनास्थल से लगता है कि परिवार के लोग हत्यारों से जूझे भी होंगे, क्योंकि शव अलग-अलग जगह पड़े थे और उन पर कई वार किए गए थे।
मंगलवार रात करीब दस बजे गोयल परिवार के एक पड़ोसी ने उन्हें फोन कर पूछा था कि उनके घर से काफी आवाज आ रही हैं, सब ठीक तो है। इस पर सतीश गोयल ने यह जवाब दिया था कि उनका व्यक्तिगत मामला है, सब ठीक है।
एसटीएफ भी करेगी जांच
लखनऊ में आईजी कानून-व्यवस्था आरके शिवकर्मा ने बताया कि जांच में पुलिस के साथ ही एसटीएफ को लगाया गया है। आईजी ने बताया कि घर की अलमारी तो खुली पाई गई पर किसी सदस्य के न होने की दशा में यह नहीं पता लग सका है कि घर से क्या गया है।
आईजी जोन भावेश कुमार सिंह ने बताया कि कई सुराग मिले हैं। कातिलों की तलाश में 10 टीमें लगाई गई हैं। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वायड और पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे से सुराग तलाशे जा रहे हैं।
‘प्रारंभिक छानबीन से इतना साफ हो गया है कि हत्यारों की संख्या कम से कम दो थी और वह परिवार के सदस्यों को सही तरीके से जानते थे। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने मौके से जो छाप उठाए हैं, उसमें दो लोगों के जूतों के निशान पाए गए हैं। हम जल्द ही हत्यारों तक पहुंच जाएंगे।’--आरके शिवकर्मा, आईजी (कानून व्यवस्था)
राजनाथ सिंह के आने की संभावना
घटना के बाद इलाके के कोतवाल को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, गाजियाबाद के सांसद राजनाथ सिंह भी कारोबारी के घर पहुंच सकते हैं। इस वारदात ने शहर में 18 साल पहले 1 अप्रैल 1994 को हुई उस घटना की याद दिला दी, जिसमें कमल जैन समेत परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी गई थी।