गन्ना किसानों का बकाया दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी उद्योग को ब्याज मुक्त कर्ज देकर राहत का मरहम लगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने चीनी उद्योग को 6000 करोड़ रुपये का कर्ज देने का निर्णय लिया है। एक साल तक इस कर्ज पर चीनी उद्योग को कोई ब्याज नहीं देना पड़ेगा। चीनी मिलों से कहा गया है कि वे 30 जून 2015 से पहले किसानों की बकाया राशि का भुगतान कर दें तभी उन्हें अनुमोदित कर्ज मिलेगा।
चीनी मिलों को मिलने वाले इस कर्ज पर सरकार ने एक शर्त जोड़ दी है। चीनी मिलों को किसानों की पूरी सूची बैंक खाता नंबर के साथ बैंकों को मुहैया कराई जाएगी। इस कर्ज से बकाये का पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। राशि बचने के बाद ही चीनी मिल के खाते में रकम जाएगी।
देशभर की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों की बकाया राशि लगभग 21000 करोड़ रुपये है। इसमें अकेले 10000 करोड़ रुपये की राशि यूपी के गन्ना किसानों की है। हालांकि गन्ना उद्योग के खस्ताहाल के लिए अधिक उत्पादन को जिम्मेदार माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही स्थिति है।