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जबलपुर में चर्च गिराने वाले 6 लोग गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित एक कैथोलिक स्कूल के कैथेड्रल परिसर में तोड़फोड़ करने में शामिल 6 लोगों को देर रात सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
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जबलपुर में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईशा पंत ने बताया, "हमने कैथोलेकि स्कूल और कैथेड्रल परिसर में हुई तोड़फोड़ में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनकी पहचान धर्म सेना के नेता योगेश अग्रवाल और उनके सहयोगी नितिन राजक, प्रतीक प्यासी, अनुराग चौकसे, अभिषेक चौकसे और शरद राव के रुप में की गई है।"

उन्होंने बताया, "उन्होंने आईपीसी की धारा 147 (दंगा), 148 (दंगा और घातक हथियारों को लेकर घूमना), 149 ( अवैध रुप से जमघट लगाना), 294, सार्वजनिक रुप से अश्लील कृत्यों और शब्दों के लिए सजा), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 427 (धोखेबाजी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत उन्हें हिरासत में लिया है।"
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क्या था पूरा मामला

यह पूरी घटना 20 और 21 मार्च की रात को हुई। उस रात ईसाई समुदाय के कुछ लोगों पर बजरंग दल और धर्म शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने जोरदार हमला किया और उन्हें धमकी दी। हमलावरों ने आरोप लगाया कि चर्च के भीतर धर्मांतरण की प्रक्रिया चल रही थी।

चर्च प्रशासन का कहना है कि हमलावरों ने स्कूल के आवास और कैथेड्रल परिसर में उपद्रव मचाया और सेंट मैरी की प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने वहां मिट्टी के बर्तनों को नुकसान पहुंचाया और खिड़कियों के कांच को भी तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चर्च के फादर हिंदुओं को ईसाई बना रहे थे।

रवि फ्रांसिस ने इस मामले में गवाह होने का दावा किया है। इससे पहले उन्होंने धर्म शिवसेना और बजरंग दल के उन कार्यकर्ताओं द्वारा अभद्र व्यवहार करने की शिकायत की थी जिन्होंने सेंट थॉमस स्कूल में तोड़फोड़ मचाई थी, यहां पर कुछ लोगों को धर्मांतरण के लिए लाए जाने का दावा किया गया था। चर्च ने पुलिस को इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सौंप दिया है।
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