बांदा के ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में शिलालेखों और दुर्लभ मूर्तियों की तलाश में जुटे पुरातत्वविदों को एक और सफलता मिली है। खोजकर्ताओं को पत्थर पर लिखा एक संदेश हाथ लगा है, जो करीब 500 वर्ष पुराना बताया जा रहा है।
फारसी भाषा में लिखे इस शिलालेख के बारे में अनुमान है कि यह बादशाह शेरशाह सूरी की मौत के बाद के काल का है। उनके ज्येष्ठ पुत्र इस्लाम शाह ने दो बाई दो फीट आकार के इस पट पर 60 लाइन का यह संदेश लिखवाया था। इसकी प्रमाणिकता की जांच के लिए इसे अब मैसूर स्थित अध्ययनशाला में भेजा जाएगा।
कालिंजर दुर्ग में दिलचस्पी रखने वाले कुछ पुरातत्वविद इस प्राचीन दुर्ग का असली और प्रमाणिक इतिहास लिखना चाह रहे हैं। इसके लिए वह लंबे अरसे से किले व उसके इर्दगिर्द पुरातन वस्तुओं की खोजबीन कर रहे हैं।
इस काम में प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक आईपीएस विजय कुमार भी शामिल हैं। इस अभियान में अब तक 180 अति महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शिलालेख खोजे जा चुके हैं। अभियान पूरा होने तक 300 शिलालेख मिलने के आसार हैं।