आईईआरटी रैगिंग मामले में प्रशासन के सख्त रुख के बाद डिप्लोमा इंजीनियरिंग के पांच छात्र-छात्राओं पर कार्रवाई की गई है।
प्रशासन की ओर से कराई गई दो अलग-अलग जांच के बाद संस्थान के प्लास्टिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा के दो छात्रों एवं तीन छात्राओं को रैगिंग का दोषी पाया गया है। इन छात्र-छात्राओं को तत्काल प्रभाव से संस्थान से दो वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
प्रशासन की ओर से मंडलायुक्त ने एक जांच अपर आयुक्त कनकलता त्रिपाठी और दूसरी जांच जिलाधिकारी ने एसीएम पुष्पराज सिंह से करवाई थी।
दोनों जांच रिपोर्ट के अध्ययन के बाद मंडलायुक्त ने संस्थान के निदेशक को आरोपी छात्रों की सूची सौंपकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था।
इस रिपोर्ट के मिलने के बाद संस्थान प्रशासन ने दोषी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को बुलाकर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराने के बाद संस्थान से निष्कासित कर दिया।
प्रशासन की जांच रिपोर्ट में प्लास्टिक इंजीनियरिंग दूसरे वर्ष के छात्र अभिषेक कुमार गुदड़ी बाजार बलिया, अभिषेक कुमार अवस्थी गीता नगर कानपुर, अंजली कुमार निवासी जंसोबी मरिया चंदौली, महिमा निवासी चुनार मिर्जापुर, प्रियंका निवासी चुनार मिर्जापुर का नाम सामने आया है।
क्लासरूम की वीडियो रिकार्डिंग के बाद रैगिंग के शिकार छात्र-छात्राओं से जब पहचान करवाई गई तो इन दोषी छात्रों को चिह्नित किया जा सका है।
संस्थान की ओर से इन छात्र-छात्राओं को दो वर्षों के लिए संस्थान से निष्कासित कर दिया गया है। ये छात्र-छात्राएं अपने निष्कासन के खिलाफ संस्थान के प्राधिकारी नियंत्रक के पास अपील कर सकते हैं।