मजदूरी करने इराक गए 41 पंजाबी युवक इस समय वहां गृहयुद्ध में फंस गए हैं। पिछले साल ये नौजवान इराक की एक कंपनी में काम करने गए थे।
इराक के मोसुल व तिकरित कस्बों में आतंकी संगठनों के कब्जे के बाद जिस कंपनी में ये नौजवान काम करते थे वह कंपनी भी भाग खड़ी हुई है। अब वहां के हालात की जानकारी पाकर उनके घरों में दहशत का माहौल है।
वहीं इस पूरे मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि हम घंटे-दर-घंटे पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। हम इराक में फंसे भारतीयों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं।
अकबरुद्दीन ने बताया कि विदेश मंत्रालय के सेकेट्री (पूर्व) अनिल वाधवा ने इराक के राजदूत से भी मुलाकात की है। इराक के राजदूत ने उन इलाकों से संपर्क स्थापित करके फंसे हुए भारतीयों के बारे में विदेश मंत्रालय को सूचनाएं दी हैं।