उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और पश्चिम बंगाल की पांच विधानसभा और चार लोकसभा सीटों के उपचुनाव के लिए रविवार को हुआ मतदान शांतिपूर्ण रहा। इन सीटों के नतीजे पांच जून को घोषित किए जाएंगे।
2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले इन सीटों के परिणाम को जनता के रुख को भांपने के तौर पर देखा जा रहा है।
हंडिया सीट पर 50 फीसदी मतदान
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले की हंडिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए करीब 50 फीसदी मतदान हुआ। इस सीट पर चुनाव सपा विधायक महेश नारायण सिंह के निधन के चलते कराया गया।
सपा ने सहानुभूति वोट बटोरने के लिए सिंह के बेटे प्रशांत सिंह को चुनाव मैदान में उतारा। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मतदान के दौरान 49.8 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इसी के साथ 13 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। सुरक्षा के लिए पुलिस एवं पीएसी के अलावा आठ कंपनी अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था।
सबसे अधिक वोटिंग हावड़ा में
सबसे अधिक मतदान पश्चिम बंगाल की हावड़ा लोकसभा सीट पर हुआ। यहां पर 66 फीसदी वोट पड़े। वहीं बिहार के महराजगंज लोकसभा सीट पर करीब 45 प्रतिशत वोट डाले गए।
गुजरात की दो लोकसभा सीटों पोरबंदर और बनासकांठा तथा चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुआ। पोरबंदर में जहां 30 फीसदी वहीं बनासकांठा में 36 प्रतिशत वोट पड़े।
भाजपा शासित गुजरात में हुए उपचुनाव को विपक्षी दल कांग्रेस के लिए लिटमस टेस्ट माना जा रहा है क्योंकि पिछले चुनाव में कांग्रेस ने सभी छह सीटों पर जीत दर्ज की थी।
बनासकांठा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस सांसद मुकेश गढ़वी के निधन की वजह से हुआ। पोरबंदर में कांग्रेस सांसद विट्ठल रडाडिया के भाजपा में शामिल होने के बाद इस्तीफा दिए जाने की वजह से उपचुनाव कराया गया।
इस बार रडाडिया भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा गुजरात की चार विधानसभा सीटों धोरजी, जेतपुर, लिंबडी और मोरवा हदाफ में भी वोट डाले गए। इन सीटों पर औसतन 38 फीसदी मतदान हुआ।
पश्चिम बंगाल की हावड़ा लोकसभा सीट पर उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस के सांसद अंबिका बनर्जी के निधन के चलते कराना पड़ा।
राज्य में शारदा चिटफंड घोटाले के चलते इस सीट के चुनाव को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए काफी अहमियत रखता है। इस सीट पर तृणमूल, कांग्रेस और सीपीआई-एम के बीच मुख्य मुकाबला है।
बिहार के महाराजगंज लोकसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला जदयू और राजद के बीच है। यहां से जदयू के प्रशांत कुमार साही और राजद के प्रभुनाथ सिंह अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस सीट पर उपचुनाव राजद के सांसद उमा शंकर सिंह की मौत के चलते कराया गया।
पहली बार जीआईएस-एसएमएस का इस्तेमाल
चुनाव आयोग ने मतदान निगरानी सिस्टम पर आधारित जीआईएस-एसएमएस का इस्तेमाल किया है। यह एंड्रायड आधारित काउंटिंग एप्लीकेशन और सेंसिटिव इलाकों की लाइव निगरानी प्रणाली है।