समाज कल्याण विभाग ने बदायूं जिले के पापड़ हमजापुर गांव में 46 ऐसे लोगों को वृद्धावस्था पेंशन जारी कर दी, जिनकी उम्र 60 साल से कम है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगे जाने पर जब सत्यापन किया गया तो इस गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। अब जाकर विभाग ने इन लोगों की पेंशन पर रोक लगाई है।
वृद्धा जन सेवा समिति की ओर से मांगी गई सूचना पर वर्ष 2011 में दातागंज के पापड़ हमजापुर गांव में वृद्धावस्था पेंशन ले रहे लोगों का विभाग ने सत्यापन किया। सत्यापन अधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन ले रहे रामचंद्र की उम्र 45, तस्लीम की 48, मुकीसा की 45, अबरार की 55 और नेकसू की 50 वर्ष होने का प्रमाण जुटाया था।
हद तो यह रही कि 35 साल के शिवराज सिंह और धीरपाल सिंह भी वृद्धावस्था पेंशन पा रहे थे। कुल मिलाकर गांव में 46 अपात्रों को वृद्धावस्था पेंशन मिलती पाई गई। सत्यापन में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद भी इन लोगों को पेंशन जारी की जाती रही। इधर वृद्धा जन सेवा समिति की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने इसी 20 अक्टूबर को जिला समाज कल्याण अधिकारी से इसकी शिकायत की। अब इनकी पेंशन रोक दी गई है।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी
जिला समाज कल्याण अधिकारी कुसुम कुमरा ने बताया कि पापड़ हमजापुर गांव में अपात्रों को पेंशन जारी करने की शिकायत के बाद पेंशन रोक दी गई है। मामले की गंभीरता से जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पेंशन जिन्होंने पाई है उनसे रिकवरी कराई जाएगी।
1575 मिले थे फर्जी पेंशनधारी
पिछले साल कराए गए सत्यापन में जिला प्रशासन को 1,575 पेंशनधारी फर्जी मिले थे। इनमें अधिकांश मृतक थे। कई की उम्र वृद्धावस्था पेंशन के लायक नहीं थी। फर्जी पेंशन के इन आंकड़ों में विकलांग व विधवा पेंशन के मामले भी शामिल थे। हालांकि विभाग ने इनकी आरसी जारी कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, रिकवरी चल रही है। 27 लोगों ने अभी भी रकम जमा नहीं की है।