शिकारियों के उत्पात और बाढ़ के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क में पशुओं की जान आफत में पड़ गई है। ताजा घटना में तीन और गैंडों के शव बरामद हुए हैं। प्रशासन का मानना है कि इन गैंडों की मौत बाढ़ के पानी में डूबने की वजह से हुई है। पिछले एक हफ्ते में अब तक बाढ़ में डूबने की वजह से आठ गैंडों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच की शिकारियों ने निर्मम तरीके से हत्या कर और उनके सींग उखाड़ लिए।
प्रशासन के मुताबिक तेजी से लुप्त हो रही प्रजाति के दो भारतीय गैंडों का शव बागोरी रेंज में पानी में तैरता मिला जबकि तीसरे का शव कोहोरा रेंज में बरामद हुआ। इन तीनों की मौत बाढ़ के पानी में डूबने की वजह से हुई है और तीनों के सींग उखाड़कर वन विभाग को सौंप दिए गए हैं। इसी साल जून-जुलाई में भी बाढ़ के कारण काजीरंगा में 19 गैंडों समेत 631 जानवरों की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा था कि 2012 में अब तक कुल 14 गैंडे शिकारियों के हाथों मारे जा चुके हैं जबकि 27 की मौत बाढ़ के चलते हुई। इस बीच गैंडों की हत्या के बढ़ते मामलों की जांच के लिए वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की एक चार सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो 430 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैले पार्क में कई स्थानों का दौरा कर, शिकारियों का सुराग हासिल करने की कोशिश करेगी।