सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में विशेष अदालत को बता दिया है कि किसने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुमराह किया था।
सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में विशेष अदालत को बता दिया है कि पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए.राजा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुमराह किया था। गौरतलब है कि 2जी स्पेक्ट्रम के घोटाले मामले में ए.राजा पर केस चल रहा है।
ए.राजा के ऊपर आरोप है कि उन्होंने अपनी शाक्तियों का दुरूपयोग करते हुए स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड और यूनीटेक वायरलेस(तमिलनाडु) जैसी अयोग्य कंपानियों को 2 जी स्पेक्ट्रम का आवंटन किया था। सीबीआई ने अपनी बात 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में चल रही निर्णायक बहस के दौरान अपनी यह बात रखी।
30,984 करोड़ का नुकसान
सीबीआई ने विशेष अदालत को बताया था कि 2जी स्पेक्ट्रम में सरकार को 30,984 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इस 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में 122 लाइसेंस दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी, 2012 को यह लाइसेंस रद्द कर दिए थे।
सीबीआई ने इस मामले में 154 गवाहों से पूछताछ की है। कोर्ट ने 154 गवाहों ने बयान इस मामले में दर्ज किए हैं। इन बयानों में रिलायंस एडीएजी के चेयरमैन अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी और भूतपूर्व कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया का भी बयान दर्ज किया गया है। इस केस में 4400 पन्नों में बयान दर्ज किए गए हैं।
इस घोटाले में पूर्व केंद्रीय मंत्री ए.राजा और कनिमोझी के साथ-साथ पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्घार्थ बेहरूआ, राजा के निजी सचिव आर के चांदोलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा और विनोद गोयनका, यूनीटेक लिमिटेड के एमडी संजय चंद्रा और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपरा और हरि नायर का नाम शामिल है।