संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्यों ने मंगलवार को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले से एक सरकारी वकील को हटाने के निर्णय के बारे में सीबीआई निदेशक से जवाब तलब किया। बैठक के दौरान सीबीआई ने माना कि 2जी मामले के सरकारी वकील एके सिंह और हाई प्रोफाइल आरोपी व यूनिटेक कंपनी के एमडी संजय चंद्रा की ऑडियो क्लिप में कुछ हद तक दम है।
जेपीसी भी टूजी मामले की जांच कर रही है। जेपीसी के सामने सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित टेप को जांच के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने सिंह के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है।
यह मामला मीडिया में उछलने के बाद संयुक्त संसदीय समिति ने मंगलवार को सीबीआई निदेशक को तलब किया था। समिति ने मामले के प्रमुख आरोपी व पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को गवाही के लिए बुलाने का विकल्प खुला रखा है। समिति की बैठक में डीएमके के सदस्यों ने भी राजा को बुलाने की मांग दोहराई।
समिति के चेयरमैन पीसी चाको ने कहा कि सभी सदस्यों से चर्चा करने के बाद ही इस पर फैसला किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों को गवाही के लिए बुलाने में व्यवहारिक कठिनाइयां है, लेकिन यदि राजा को बुलाने का फैसला होता है तो समिति को एक और बैठक करनी होगी। चाको ने कहा कि समिति ने वैसे गवाहों को बुलाने का काम पूरा कर लिया है और अब रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा। समिति को 10 मई तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
इससे पहले सिन्हा ने समिति को बताया कि वकील एके सिंह को टूजी मामले से हटा दिया गया है। सिन्हा की ओर से सिंह और चंद्रा के बीच हुई बातचीत की लिखित स्क्रिप्ट सभी सदस्यों को वितरित की गई। सीबीआई निदेशक ने बताया कि यह टेप सीबीआई के एक डीआईजी को 10 दिन पहले मिला था।
इसके अलावा सीबीआई ने अपने आकलन को दोहराते हुए कहा कि टूजी मामले में सरकारी खजाने को मात्र 30,984 करोड़ रुपये की हानि हुई। सीबीआई निदेशक के अलावा दूरसंचार विभाग के सचिव भी तलब किए गए थे।
लिए गए वकील, यूनिटेक के एमडी के वॉइस सैंपल
सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई से हटाए गए अपने वकील एके सिंह और यूनिटेक के एमडी संजय चंद्रा के वॉइस सैंपल लिए हैं। इन दोनों को एक ऑडियो क्लिप में अभियोजन पक्ष की रणनीति पर चर्चा करते पकड़ा गया था।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि चंद्रा और सिंह के वॉइस सैंपल सोमवार को लिए गए थे। इन सैंपल को सीडी के साथ फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा जांच एजेंसी ने अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया है जोकि सिंह की वजह से 2जी मामले में हुए नुकसान का आकलन करेगी। सूत्रों ने अभी कुछ और टेपों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि कारपोरेट दुश्मनी के बढ़ने से ऐसे टेपों की संख्या बढ़ सकती है।
सीबीआई वकील सिंह और आरोपी चंद्रा के बीच बातचीत से 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच प्रभावित नहीं होगी क्योंकि सिंह कई सरकारी वकीलों में से एक थे। हालांकि काउंटर इंटेलीजेंस तंत्र होने के बावजूद इस तरह के वाकये का होना हमारे लिए चौंकाने वाला है और यह घटना आंख खोलने वाली है।--रंजीत सिन्हा, सीबीआई निदेशक