गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने भले ही एकल यूनिट पर तीन मंजिल तक निर्माण की अनुमति दे दी हो मगर वसुंधरा के अवैध निर्माणों पर तलवार लटक रही है। आवास एवं विकास परिषद ने निर्णय लिया है कि वे अपनी कॉलोनी में बने अवैध निर्माण पर कार्रवाई करेंगे। एकल यूनिट के मकानों की कंपाउंडिंग नहीं की जाएगी।
परिषद ने दो माह पहले एक अभियान चलाकर अकेले वसुंधरा के 19 सेक्टरों में करीब 2500 अवैध निर्माणों को चिंह्नित किया है। इनमें रेजीडेंशियल इलाके में कामर्शियल और एकल यूनिट पर बने फ्लैट शामिल हैं। परिषद ने अब इन पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है। अधिकारी इसके लिए चार टीमें बनाकर सीलिंग की कार्रवाई करेंगे।
सबसे पहले एकल यूनिट पर निर्माणाधीन फ्लैट को सील किया जाएगा। अधिशासी अभियंता और नोडल ऑफिसर एसके श्रीवास्तव ने बताया कि जीडीए और परिषद की नियमावली अलग है। ऐसे में परिषद ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है। डीएम से फोर्स मांगी गई है। फोर्स मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
वहीं बिल्डरों की मानें तो कार्रवाई के डर से वसुंधरा में एकल यूनिट पर बने फ्लैट के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। लोगों को डर है कहीं उनके आशियाने पर बुलडोजर न चल जाए। बिल्डर एसोसिएशन के महासचिव मनोज गोयल ने बताया कि वसुंधरा में लगातार बढ़ रहे प्रापर्टी के दाम परिषद के अभियान के बाद से काफी गिर गए हैं।
निर्माण परिषद के अधिकारी फोर्स नहीं होने की बात कहकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। वहीं, वसुंधरा के सेक्टर-16, सेक्टर-1 और सेक्टर-18 सहित कई क्षेत्रों में एकल यूनिट पर निर्माण कार्य जारी है।