गंगा-यमुना की सफाई में एक दिन से ज्यादा समय नहीं लगेगा। अगर सरकार अनुमति दे तो 20 लाख लोगों को बुलाकर चुटकियों में नदियों की सफाई कर देंगे।
यह कहना है डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह का। वह सफाई महाअभियान के दौरान शनिवार को अपने सेवादारों के साथ नोएडा पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जब बिना बुलाए चार-पांच लाख लोग सफाई अभियान में चले आते हैं तो फिर यह नदियां तो हमारी मां हैं। इनकी सफाई के लिए अगर बुलावा भेजा जाए तो 20 लाख लोग आराम से सेवा देने आ जाएंगे।
हालांकि सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि नदियों को साफ करने की अनुमति के साथ-साथ सरकार उन मशीनों को भी हमें दे, जिनसे सफाई में मदद मिलती है। हमारे पास काफी इंजीनियर सेवा में लगे हुए हैं।
इसके अलावा अगर रख-रखाव का जिम्मा मिले तो नदियों में एक भी कचरा देखने को नहीं मिलेगा। सरकार से हम गुजारिश करते हैं कि यमुना की पूरी सफाई की जाए। दोनों तरफ बांध बना दिए जाएं। घाटों को पक्का कर दिया जाए। सीवरेज को कनाल में डाला जाए।
समस्या के हल बताए
गुरमीत राम रहीम सिंह जी ने कहा कि कचरे के टीले से खाद बनाया जा सकता है। इससे बहुत सारी ऊर्जा हासिल की जा सकती है। हमने एक स्थान पर प्लांट शुरू कराया है। यहां गंदगी से बिजली पैदा की जाती है।
उन्होंने कहा कि एक ही प्रजाति के कई फलों को एक ही पौधे में उगाने पर शोध चल रहा है। इसके अलावा पानी के दोबारा इस्तेमाल के बारे में भी सोचा जा रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि नदियों में पूजन सामग्री फेंक कर इसे गंदा न करें। प्रशासन को नदियों पर बने पुल के नीचे जाल लगाना चाहिए, ताकि पूजन-सामग्री नदियों में न पड़ें। अगर इसे पशु-पक्षी भी खा लेंगे तो भला होगा।
केवल बेटे से वंश नहीं चलता
डेरा प्रमुख ने कहा कि ‘कुल का क्राउन’ अभियान के अंतर्गत यह कोशिश की जा रही है कि अगर किसी की एक बेटी है तो वह शादी के बाद दूल्हे को अपने घर ले कर आएगी।
केवल बेटे से वंश नहीं चलता। बेटी के खून में भी माता-पिता का खून होता है तो बेटी उनका नाम क्यों नहीं रोशन कर सकती। लड़कियां भी अब काफी आगे बढ़ रही हैं।