पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय कैदी बहुत ही बदतर हालत में रहने को मजबूर हैं।
पाकिस्तान मानसिक और गंभीर रूप से बीमार कैदियों का इलाज नहीं करा रहा है।
पाकिस्तान के लाहौर की कोट लखपत जेल में मौजूदा समय में 36 भारतीय कैदी कैद हैं।
इनमें से 20 भारतीय कैदी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं लेकिन पाक सरकार इनको उचित इलाज के लिए किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराती है।
भारत-पाक न्यायिक आयोग ने पाक जेलों का दौरा करने के बाद यह जानकारी दी। कोट लखपत जेल में ही 26 अप्रैल को भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर छह कैदियों ने जानलेवा हमलाकर जान ले ली।
कैदियों के मामले में गठित भारतीय-पाकिस्तानी न्यायिक आयोग ने पिछले हफ्ते कराची, रावलपिंडी और लाहौर जेलों का दौरा किया।
इस दौरान आयोग ने पाया कि कोट लखपत जेल में बंद 20, रावलपिंडी की आदियाला जेल में दो और कराची की मालिर जेल में एक कैदी मानसिक रूप से बीमार है।
आयोग ने सिफारिश की कि गंभीर रूप से बीमार, मानसिक विकलांग और गूंगे बहरे कैदियों को उपयुक्त अस्पतालों में रखा जाए।
साथ ही आयोग ने कहा कि राष्ट्रीयता और अपराधों को नजरअंदाज कर कैदियों की विशेष संस्थाओं में इलाज कराना चाहिए। पाकिस्तानी जेलों में 483 मछुआरों समेत 535 भारतीय कैदी बंद हैं। इनमें 11 जुवेनाइल भी हैं।