सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को झटका देते हुए 1984 सिख विरोधी दंगों में उनके खिलाफ चल रही जांच पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। निचली अदालत ने सीबीआई को टाइटलर के खिलाफ मामले में आगे जांच करने का निर्देश दिया था।
जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि किसी प्रकरण के इस चरण में शीर्ष अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मामला अभी दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है जहां इस पर 18 सितंबर को सुनवाई होनी है।
इस मामले के प्रति न्यायाधीश का दृष्टिकोण भांपते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। न्यायालय ने उन्हें इसकी अनुमति प्रदान कर दी। टाइटलर ने हाईकोर्ट के तीन जुलाई के आदेश के खिलाफ यह याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने से इंकार करते हुए कहा था कि सिर्फ जांच का ही आदेश दिया गया है और इसलिए यह अदालत इसे नहीं रोकेगी।
टाइटलर ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित मामले में उन्हें क्लीन चिट देने और यह प्रकरण बंद करने संबंधी सीबीआई की रिपोर्ट निरस्त करने के निचली अदालत के निर्णय के खिलाफ 30 मई को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
निचली अदालत ने जांच एजेंसी को यह निर्देश भी दिया था कि वह चश्मदीद गवाहों और दंगे के बारे में जानकारी रखने का दावा करने वाले व्यक्तियों से पूछताछ करे।
निचली अदालत ने टाइटलर के क्लीन चिट देने और मामला बंद करने के सीबीआई की रिपोर्ट के खिलाफ दंगा पीड़ितों की याचिका पर इस मामले में आगे जांच का आदेश दिया था।