रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च नीति नियामक संस्था ने नई रक्षा खरीद नीति और सेना तथा वायुसेना के लिए 197 लाइट हेलीकॉप्टरों के सौदों के बारे में महत्वपूर्ण फैसलों को टाल दिया है।
इसके साथ ही सेना ने रक्षा मंत्रालय से हेलीकॉप्टरों की खरीद सौदे में अगस्तावेस्टलैंड से अपने एक ब्रिगेडियर के 25 करोड़ रिश्वत लेने के आरोपों की जांच कराने को कहा है।
रक्षा मंत्री ए के एंटनी के नेतृत्व में करीब दो घंटे चली रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में रक्षा खरीद नीति (डीपीपी) के संशोधनों पर व्यापक विचार विमर्श किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब अगली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर सेना एवं वायुसेना के लिए 197 हेलीकॉप्टरों के सौदे पर फैसले को सेना के एक ब्रिगेडियर पर लगे आरोपों की पूरी जांच होने तक टाल दिया गया। सूत्रों ने कहा कि सेना ने खुद ही आग्रह किया कि वह अपने इस अधिकारी की भूमिका की पूरी तहकीकात चाहती है, लिहाजा आज की बैठक में इस मुद्दे को नहीं लिया जाए।
सेना के आग्रह को डीएसी ने स्वीकार कर लिया। यह सौदा लगातार टलता जा रहा है। फरवरी में हुई रक्षा खरीद परिषद में यह मुद्दा इसलिए नहीं उठ सका था क्योंकि सेना प्रमुख जापान की यात्रा पर थे।