दक्षिण भारत में भाजपा को पहली बार सत्ता में लाने वाले बीएस येदियुरप्पा ने रविवार को नई क्षेत्रीय पार्टी कर्नाटक जनता पार्टी (केजेपी) की कमान संभाल ली।
येदि के आधिकारिक रूप से नई पार्टी बनाते ही भाजपा के 13 विधायक खुलकर उनके समर्थन में आ गए। इससे उत्साहित येदियुरप्पा ने कर्नाटक की भाजपा सरकार को अल्पमत में बताते हुए विधानसभा भंग कर नए चुनाव की मांग कर दी।
राज्य के बदले सियासी समीकरण में भाजपा की सरकार खतरे में पड़ती दिख रही है। कर्नाटक में अपने 13 विधायकों के येदियुरप्पा के समर्थन में खड़े होने से भाजपा की चुनौतियां बढ़ गई हैं। इन विधायकों ने खुलेआम केजेपी के सम्मेलन में हिस्सा लिया।
इससे पहले येदियुरप्पा के साथ नाश्ते पर भाजपा के 6 मंत्री, विधानसभा के 23 विधायक और विधान परिषद के छह सदस्य मौजूद थे। हालांकि भाजपा ने येदि के सम्मेलन में शामिल होने वाले विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।