प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे। कोविड महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद यहां इसका आयोजन किया जा रहा है। इससे पूर्व भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) का आयोजन जनवरी 2020 में बंगलूरू में किया गया था। आईएससी का पांच दिवसीय 108वां सत्र राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में होगा। करीब दो दशकों में शायद यह पहला मौका होगा, जब प्रधानमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रम के चलते इस आयोजन में सशरीर मौजूद नहीं होंगे।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि इस साल विज्ञान कांग्रेस की मुख्य विषय 'विज्ञान और महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए प्रौद्योगिकी' को बहुत सोच-समझकर अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन समग्र विकास, समीक्षा की गई अर्थव्यवस्थाओं और स्थायी लक्ष्यों पर विचार-विमर्श करने के साथ- साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महिलाओं के विकास की संभावित बाधाओं को भी दूर करेगा।
'बाल विज्ञान कांग्रेस' अनूठी विशेषता
उन्होंने कहा कि इस साल भारतीय विज्ञान कांग्रेस की अनूठी विशेषता 'बाल विज्ञान कांग्रेस' होगी, जिसका आयोजन बच्चों को उनके वैज्ञानिक स्वभाव और ज्ञान का उपयोग करने तथा वैज्ञानिक प्रयोगों के जरिए उनकी रचनात्मकता को साकार करने का अवसर प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। सिंह ने कहा कि 'जनजातीय विज्ञान कांग्रेस' शीर्षक से एक नया आयोजन होगी, जो जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रदर्शित करने का प्रयास करने के साथ स्वदेशी उच्चारण ज्ञान प्रणाली और अभ्यास के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करेगा।
'भारत का गौरव' प्रदर्शनी होगी विशेष आकर्षण
उन्होंने कहा कि पूर्ण सत्र में अंतरिक्ष, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधान सहित विभिन्न प्रकार के क्षेत्रों से नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रमुख भारतीय एवं विदेशी शोधकर्ता, विशेषज्ञ तथा प्रौद्योगिकीविद भाग लेंगे। जितेंद्र सिंह ने कहा कि विशाल प्रदर्शनी 'भारत का गौरव' कार्यक्रम का विशेष आकर्षण होगी।, जो देशभर से सरकार, कॉर्पोरेट, सार्वजनिक उपक्रमों, शैक्षणिक और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों, नवोन्मेषकों और उद्यमियों की ताकत और उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगी। प्रमुख विकास, प्रमुख उपलब्धियां और समाज के लिए भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण योगदान को इस विशाल प्रदर्शनी में दिखाया जाएगा।