महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सरकार 1,000 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है।
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए भले ही सरकार ने पिछले एक साल में कागजी कार्यवाही ही ज्यादा की, लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अंतरिम बजट में आधी आबादी को तवज्जो देने की कोशिश जरूर हुई है।
वित्त मंत्री ने पिछले साल बजट में घोषित निर्भया फंड में 1000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन का ऐलान किया है। यह कोष प्रमुख स्थायी कोष के रूप में रहेगा। यानी वित्त वर्ष खत्म होने के बाद भी यह फंड समाप्त नहीं होगा। चिदंबरम ने कहा कि पिछले साल बजट में उन्होंने तीन वादे किए थे।
इन्हीं में से एक महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्भया फंड का गठन था। इस योजना को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था नए वित्त वर्ष में होगी। हालांकि पिछले बजट में की गई इस घोषणा की हकीकत यह है कि अब तक इस फंड से एक रुपया भी खर्च नहीं हो सका है।