देश में बढ़ी असहिष्णुता के विरोध में साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा चुके 10 साहित्यकारों ने साहित्य अकादमी की अपील पर अपने पुरस्कार वापस लेने की घोषणा की है। पुरस्कार वापस लेने वालों में प्रख्यात लेखिका नयनतारा सहगल भी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के नजदीक दादरी में गोमांस रखने की आशंका में 50 वर्षीय मुसलमान अखलाक की हत्या, उससे पहले कर्नाटक में तर्कवादी एमएम कलबुर्गी और महाराष्ट्र में नरेंद्र दाभोलकर की हत्या किए जाने के विरोध में लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने अपने पुरस्कार लौटा दिए थे।
नयनतारा सहगल उन शुरुआती सहित्यकारों में थी, जिन्होंने पत्र लिखकर कलबुर्गी समेत सभी हत्याओं पर विरोध जताया। बाद में इस मुहिम में फिल्मकार और पेंटर भी शामिल हो गए। हालांकि मोदी सरकार उस विरोध लगातार ही प्रायोजित बताती रही। उन्हीं दिनों बिहार में विधानसभा चुनाव हो रहे थे, केंद्र के मंत्रियों और भाजपा के नेताओं ने कहा कि चुनाव में विपक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए पुरस्कार वापसी की मुहिम चलाई जा रही है।