चुनाव प्रचार से सरकार बनाने तक भारतीय जनता पार्टी ने जनता से कई वादे किए। सरकार के बीते सौ दिनों में कई पूरे हुए, तो कई सरकार के दैनिक एजेंडे से धुंधले हो गए।
1. मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की बातें करते हैं, लेकिन आम आदमी के लिए इसके क्या मायने होंगे, उसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
2. भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग अधूरी
भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में जनता को ‘भ्रष्टाचार मुक्त सरकार’ देने का वादा किया था।
हालांकि सत्ता में आने के सौ दिन बाद भी भ्रष्टाचार कम करने को लेकर कोई बड़े नीतिगत सुधार या कानून नहीं देखने को मिले हैं।
3. काले धन की वापसी
बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने इस साल अप्रैल में दावा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो विदेशों में जमा काला धन 150 दिनों के भीतर भारत लाया जाएगा और वेलफेयर योजनाओं में लगाया जाएगा।
लेकिन अब बीजेपी के ही एक सांसद निशिकांत दुबे ने कह दिया है कि सरकार विदेशों में जमा काला धन नहीं ला पाएगी।
काले धन पर विशेष जांच दल जरूर बनाई गई और दल ने अपनी पहली रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी है, लेकिन काले धन की वापसी कैसे होगी, इसपर कोई समयबद्ध योजना भी सामने नहीं आई है।