अरविंद केजरीवाल ने अपनी रैली में नरेंद्र मोदी, भाजपा और कांग्रेस को कोसने के बाद आखिरकार बनारस से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है। कांग्रेस और या भाजपा, नरेंद्र मोदी हों या राहुल गांधी ये सब मुकेश अंबानी के हाथों में खेलने वाले लोग हैं।
उन्होंने कहा, 'मैं भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को चुनौती देता हूं कि वे बनारस आकर देश के सामने खड़े तमाम मुद्दों पर बहस करें। और अगर वे बहस करने के लिए नहीं आए तो देश समझ जाएगा कि दाल में कुछ काला है।
हर-हर मोदी से संत हुए खफा
द्वारिकापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के साथ ही काशी और अयोध्या के संत समाज ने भी ‘हर-हर मोदी’ नारे को ठुकरा दिया है।
संतों का कहना है कि ‘हर-हर महादेव’ भगवान शिव के प्रतिअभिवादन उद्घोष है। किसी व्यक्ति विशेष के संदर्भ में इस उद्घोष की नकल नहीं की जानी चाहिए।
हालांकि शंकराचार्य की आपत्ति के बाद भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पार्टी कार्यकर्ताओं से इस नारे का प्रयोग न करने की अपील कर चुके हैं।
गौरतलब है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी की वाराणसी रैली के दौरान हर-हर मोदी के नारे लगाए थे। तब इस नारे के खिलाफ कोई विशेष प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
अखिलेश ने क्यों कहा केजरीवाला को नकलची
चुनाव ज्यों-ज्यों नजदीक आ रहा है, गठबंधन और विलय का बाजार गर्म होता जा रहा है।
भाजपा से अपना दल का गठबंधन हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए कि समाजवादी पार्टी ने हिंद राष्ट्रीय पार्टी के विलय होने का ऐलान किया।
क्या समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से भी गठबंधन कर सकती है?
इस सवाल पर अखिलेश ने कहा कि सिर्फ दो सीटों को छोड़कर प्रदेश में हर जगह सपा अकेले लड़ रही है। उसे अपने कार्यकर्ताओं पर भरोसा है।
अखिलेश ने कहा, रही बात आप की तो, उस पार्टी ने किया क्या है। उन्होंने तो हमारी टोपी की नकल तक कर डाली, लाल की जगह सफेद। बाकी उन्होंने कुछ नहीं किया है।
मोदी या फिर चौधरी की है आंधी
मुना के किनारे बसे शामली और सहारनपुर जिलों में पडऩे वाली कैराना लोकसभा सीट पर दिलचस्प चुनावी जंग देखने को मिल रही है।
कैराना सीट में शामली जिले के कैराना, शामली और थाना भवन तो सहारनपुर जिले के गंगोह और नकुड़ विधानसभा क्षेत्र आते हैं।
बेहद जर्जर सड़कों और गन्ने की शानदार फसल वाला यह इलाका दंगा प्रभावित रहा है। किसी जमाने में जाट-मुसलमान समीकरण के लिए मशहूर रहे इस सीट का चुनावी समर का परिदृश्य थोड़ा उलझा हुआ है।
गन्ना मूल्य भुगतान न होने से किसान परेशान हैं। गड्ढों भरी सड़कों पर चलना दूभर है लेकिन ये सब मुद्दे चुनाव को खास प्रभावित करते नहीं दिख रहे हैं।
तो मोदी नहीं बनेंगे पीएम
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती को टिकट न मिलने से नाराज संतों-धर्माचार्यों ने कड़ा रुख अपनाया है।
सर्वसम्मति से ऐलान किया गया है कि दो दिन में वेदांती को फैजाबाद से टिकट न मिला तो उन्हें चुनाव लड़ाया जाएगा।
वेदांती ने कहा कि भाजपा को समझ आ जाए, इसके लिए मंगलवार को संतों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर शीर्ष नेतृत्व से वार्ता करेगा।
फिर भी सकारात्मक परिणाम नहीं आए तो वे हिंदू महासभा व शिवसेना से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने लल्लू सिंह को कमजोर प्रत्याशी ठहराया।
एटीएस की दूसरी बड़ी सफलता, दूसरा आरोपी गिरफ्तार
सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की पटना रैली में सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रचने वाला तहसीन अख्तर उनके हत्थे चढ़ गया है।
एटीएस सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि इंडियन मुजाहिदीन चीफ तहसीन अख्तर उर्फ मोनू पटना बम धमाकों का मास्टरमाइंड है। उसे एटीएस की टीम ने गिरफ्तार किया है।
तहसीन बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। पुलिस को बोधगया और पुणे ब्लास्ट में उसकी तलाश थी। पुलिस के मुताबिक तहसीन पाकिस्तान भागने की फिराक में था। भटकल की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को यह दूसरी बड़ी सफलता मिली है।
मंदिर जाने पर हुआ बवाल
आम आदमी पार्टी की तरफ से गाजियाबाद के चुनावी मैदान में उतरीं शाजिया इल्मी के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है। और मामला इतना संवेदनशील है कि संभलकर कदम उठाना होगा। दरअसल, शाजिया इन दिनों गाजियाबाद में चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं और इसके तहत वह लोकसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में जाकर रोड शो कर रही हैं और मतदाताओं से मुलाकात कर रही हैं।
लेकिन इसी चुनाव प्रचार के दरम्यान उनके एक कदम से बवाल मच गया है। दरअसल, वह कथित तौर पर गाजियाबाद के दूधेश्वर मंदिर गई थीं और वहां उन्होंने शिवलिंग का जलाभिषेक किया और इसी पर बखेड़ा खड़ा हो गया।
क्यों छूट रहे हैं युवराज सिंह से कैच?
यह किसी भी क्रिकेटप्रशंसक को विश्वास नहीं हो रहा है कि ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप में युवराज सिंह लगातार कैच टपका रहे हैं।
युवराज के एक दशक पुराने अंतरराष्ट्रीय करियर में ऐसा पहली बार हो रहा है जब वे इतना खराब क्षेत्ररक्षण कर रहे हैं।
वह इससे पहले भी कई बार बल्ले से आउट ऑफ फॉर्म रहे हैं लेकिन उस दौरान मैदान पर उनकी चपलता में कोई कमी नहीं आती थी। बल्ले की असफलता को युवराज सिंह शानदार कैच लपकने और रन रोककर दूर करने की कोशिश तो करते ही थे। लेकिन कैच टपकाने के लिए सिर्फ युवराज ही दोषी नहीं है बल्कि कुछ अन्य कारण हैं जिससे कैच छूट रहे हैं।
नौसेना में मिलेगी नौकरी
नौसेना में दिसंबर 2014 के कोर्स के लिए पायलेट/आब्जर्वर के रूप में एसएससी अधिकरियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। ये पद भारतीय नागरिकों में योग्य पुरुष एवं महिला आवेदकों से भरे जाएंगे। ये पद भारतीय नौसेना की एक्जीक्युटिव ब्रांच के एविएशन कैडर से संबंधित हैं।
मां और बेटियों से रेप!
मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से एक मूक बधिर विधवा महिला से बलात्कार का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार पति की मौत के बाद पीड़िता अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ एक रिश्तेदार के यहां रह रही थी। यहीं रिश्तेदार उस पीड़िता से लम्बे समय से दुराचार कर रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने पीड़िता की दोनों नाबालिग बेटियों से भी दुष्कर्म की कोशिश की।