एक बार संता विदेश गया। उसने देखा, सड़क किनारे जूते पॉलिश करने की मशीनें लगी थीं। लोग अपना एक पैर मशीन पर जूते सहित रखते, मशीन जूता-पॉलिश कर देती। दूसरा पैर तब तक पॉलिश नहीं होता जब तक वे मशीन मे पैसे नहीं डाल देते। संता ने मशीन में अपना एक पैर डाला, जूता पॉलिश हो गया। संता दूसरे जूते की पॉलिश करवाए बगैर आगे बढ़ गया।
आगे फिर उसे एक और वैसी ही मशीन नज़र आई। उसने अपना दूसरा जूता पॉलिश करवाया और चुपचाप आगे बढ़ गया।
(कौन कहता है संता बुद्धू है!!)