रवीश : (माँ से) : आज सुबह जब मैं पापा के साथ बस में आ रहा था तो उन्होंने एक आंटी के लिए मुझसे अपनी सीट छोड़ने को कहा। माँ : बेटा यह तो अच्छी बात है। बड़ों का सम्मान करना चाहिए। रवीश : मगर माँ, मैं तो पापा की गोद में बैठा हुआ था।