डाकूः संता से, सुन या तो तू अपनी जान देगा, या फिर वह सारा रुपया देगा जो पोटली में दबाकर ले जा रहा है।संताः नहीं जी, तुम मेरी जान ही ले लो, रुपया तो मैने अपने बुढ़ापे के लिए रख छोड़ा है।