एक उदास से दिख रहे आशिक से किसी ने पूछा, कहो जी, तुम्हारी माशूका तुम्हें क्यों नहीं मिली?आशिक उदास होके बोला, यार कुछ न पूछो। मैंने उसकी इतनी खुशामद की, कि उसने अपने को सचमुच ही परी समझ लिया। अब वह आदमियों से बोलने में भी परहेज करती है।