संताः जेसे ही अपने घर जाने
लगा।
बारिश शुरु हो गई..!
दोस्तः आज यही रुक जाओ सुबह
चले जाना..!
मे बिस्तर लगा देता हुँ।
सँताः ठीक है!
.
.
.
दोस्त ने बिस्तर लगाके के बहार
देखा तो सँता नही था।
.
.
.
1घँटे बाद सँता भीगता हुआ वापस आया..!
ओर बोला -
यार घर वालो को बताने
गया था की
आज मे घर नहीँ आ रहा हुँ..!!