फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाट से होशियारी मंहगी!

विज्ञापन
विज्ञापन
एक जाट के पड़ोस में बनिया रहता था। बनिया की बीवी गुजर गई। जाट ने सोचा बनिया के पास बहुत पैसे हैं, कुछ आमदनी की जाये।
विज्ञापन


जाट छाती पीटता हुआ बनिये के घर जा कर रोते हुए कहने लगा, "मेरा तुम्हारी बीवी से बहुत प्यार था। मैं उसके बिना कैसे जीऊंगा, मुझे भी इसके साथ जला आओ।"

बनिया हाथ जोड़ कर बोला, "चौधरी दूर- दूर से रिस्तेदार आने वाले हैं। ऐसे मत कर। बहुत बेइज्जती होगी।"

जाट: ठीक है, एक लाख रुपए दे दे, मैं चुपचाप चला जाऊंगा।

बनिये ने एक लाख रुपए दे दिए और जाट खुशी खुशी अपने घर चला गया।

कुछ दिन बाद जाट की घरवाली मर गई। बनिये ने सोचा अब मौका आया है जाट से ब्याज समेत पैसे वापिस लाऊंगा।

बनिया रोता हुआ जाट के घर जा कर बोला, "मेरा और तुम्हारी घरवाली का बहुत प्यार था। मैं भी इसके साथ मरूंगा, मने भी इसके साथ फूँक आओ।"

यह सुनकर जाट अपने लड़कों से बोला, "छोरो, थारी माँ कहे तो करै थी कि मेरा एक बनिये तै प्यार है। अच्छा तो ये ही है वो बनिया, फूँक आओ इस ने भी अपनी माँ के साथ।"

बनिया: चौधरी माफ कर दे। मैं तो मजाक कर रहा था।

जाट: ठीक है, दो लाख रुपये ले आ, वरना लड़के तनै फूकण नै तैयार खड़े हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें