बोर्ड परीक्षाएं खत्म होते ही रिजल्ट की प्रतीक्षा के साथ विद्यर्थियों के मन में कैरियर की दिशा में पहला कदम रखने की उत्सुकता भी उमड़-घुमड़ रही होती है। इसी मुकाम पर वे भविष्य के लिए अपनी रुचि के हिसाब से कोर्स चुनने हैं। अब बदलती जरूरतों के मुताबिक कॉलेज और विश्वविद्यालय भी नए कोर्स ऑफर कर रहे हैं।
प्रबंधन और इंजीनियरिंग के कोर्स आज भी छात्रों में काफी लोकप्रिय हैं। न सिर्फ सरकारी बल्कि बहुत सी प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी इंजीनियरिंग के अच्छे कोर्स दे रही हैं, जिन में प्रवेश पाने के लिए आपको प्रवेश परीक्षा से गुजरना होता है।
जेईई के रिजल्ट आ चुके हैं और यूपी और सीबीएसई बोर्ड के रिजल्ट आने वाले हैं। ऐसे में छात्र अपने लिए सीट बुक करने की तैयारी में हैं। यूपी के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए जेईई मेन और यूपीएसईई जैसी प्रवेश परीक्षाएं होती हैं। इसके अलावा यूपी के प्रतिष्ठित कालेज अपनी प्रवेश परीक्षाएं अलग से कराते हैं।
2014 में जारी एक डेटा के हिसाब से यूपी के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों की लिस्ट में 281 कॉलेज हैं। इन सभी कॉलेजों की तरफ से ऑफर किए जाने वाले हर कोर्स में करीब 60-120 छात्रों का प्रवेश लिया जाता है। इसके अलावा प्रदेश के कुछ चुने हुए निजी विश्वविद्यालय भी इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक कई अहम कोर्स ऑफर कर रहे हैं।
इंजीनियरिंग कॉलेजों के लोकप्रिय कोर्स कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैकेनिकल और सिविल हैं। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, आईटी और इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स भी छात्रों को खूब पसंद आते हैं। वहीं प्राइवेट यूनीवर्सिटी में इंजीनियरिंग के कुछ ऐसे डिप्लोमा प्रोग्राम भी चल रहे हैं जिन्हें विद्यार्थी 10वीं के बाद भी कर सकते हैं। इनमें कंप्यूटर, सिविल, मैकेनिकल, प्रोडक्शन और आटोमोबाइल इंजीनियरिंग शामिल हैं।
पारंपरिक कोर्सेस से इतर कुछ ऐसे भी कोर्स हैं जो बाजार के बदलते ट्रेंड के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं। प्रथम श्रेणी में डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी बीटेक दूसरे साल में लेटरल इंट्री के जरिए सीधे प्रवेश पा सकते हैं। जीएलए विश्वविद्यालय के एडमिशन कोआर्टिनेटर व विभागाध्यक्ष प्रबंधन (स्नातक) प्रो. सोमेश धमीजा ने बताया, "फार्मेसी के क्षेत्र में भी 'डिप्लोमा इन फार्मेसी' का बहुत स्कोप है। इसमें 12वीं के बाद सीधे प्रवेश लिया जा सकता है।"
प्रो. धमीजा ने बताया कि जीएलए ने स्टूडेंट्स का प्रबंधन में रुझान देखते हुए फैमिली बिजनेस मैनेजमेंट पर बीबीए और एमबीए के कोर्स आरंभ किए। "इसे खास तौर पर इस तरह से डिजाइन किया गया कि विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ काफी प्रैक्टिकल करना पड़े।" प्रो.धमीजा ने कहा, "जब यह आरंभ हुआ तो हमें भी अंदाजा नहीं था कि यह इतना पसंद किया जाएगा।"
हाल ही में सीबीएसई की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार कुल मिलाकर 1,52,401 प्रतिभागी 24 मई को होने वाले जेईई (एडवांस) प्रोग्राम के लिए योग्य घोषित किए जा चुके हैं। आपको बता दें कि जेईई (एडवांस) के जरिए देश के प्रतिष्ठित आईआईटी में प्रवेश पाया जाता है।
योग्य प्रतिभागियों द्वारा जेईई (एडवांस) के लिए रजिस्टर करने की अंतिम तारीख 2 मई है। हर इंस्टीट्यूट की अपनी हेल्पलाइन और कॉन्टैक्ट डीटेल्स हैं। छात्र इन इंस्टीट्यूट की वेबसाइट से भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।